भूपेन हज़ारिका का लंबी बीमारी के बाद निधन

  • 5 नवंबर 2011
इमेज कॉपीरइट pti
Image caption हज़ारिका की पहचान एक संजीदा संस्कृतिकर्मी की थी

लोकप्रिय संगीतकार, गायक और संस्कृतिकर्मी भूपेन हज़ारिका का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है. वह 86 वर्ष के थे.

दादा साहेब फ़ाल्के पुरस्कार विजेता हज़ारिका का मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था.

अस्पताल के मीडिया प्रभारी जयंत नारायण साहा ने कहा, "शाम साढ़े चार बजे शरीर का कई अंग काम करना बंद करने के बाद उनकी मौत हो गई."

हज़ारिका को सांस लेने तकलीफ़ थी, उनके दोनों गुर्दे ख़राब हो गए थे और उन्हें डाएलसिस पर रखा गया था.

पिछले चालीस साल से उनके साथ रह रहीं कल्पना लाजमी ने हज़ारिका की मौत पर एक टीवी चैनल से कहा, "मैंने अपना पिता, भाई, प्रेमी, पति, दोस्त और गाइड खो दिया है. "

लाजमी ने कहा कि, "वह एक महान समाज सुधारक थे जिन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों को भारत और बांग्लादेश के करीब लाने में अहम भूमिका निभाई. वह एक साधारण मनुष्य नहीं थे, असाधारण थे."

बिगड़ती सेहत

हज़ारिका 29 जून को सांस लेने में तकलीफ़ के कारण मुंबई के अस्पताल में भर्ती हुए थे.

अक्तूबर में उन्हें निमोनिया हो गया था जिसके बाद उनकी सेहत और बिगड़ गई थी. उनकी किडनी भी ख़राब हो गई थी और उन्हें डाएलसिस पर रखा गया था.

इस बीच डॉक्टरों ने ऑपरेशन के ज़रिए उनके शरीर में एक खाद्य नली भी लगाई थी.

आठ सितंबर को अपने जन्मदिन पर उन्होंने अस्पताल में ही केक काटा था.

बहुआयामी प्रतिभा के धनी

भूपेन हज़ारिका गायक और संगीतकार होने के साथ ही एक कवि, फ़िल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी रहे है.

उन्हे दक्षिण एशिया के सबसे नामचीन सांस्कृतिक कर्मियों में से एक माना जाता है.

अपनी मूल भाषा आसामी के अलावा भूपेन हज़ारिका हिंदी, बंगाली समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे है. उन्हें पारंपरिक असमिया संगीत को लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है.

उनहोने फ़िल्म 'गांधी टू हिटलर' में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन 'वैश्नव जन' गाया था.

हज़ारिका को कई पुरस्कारों से भी नवाज़ा गया था जिसमें पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार शामिल हैं.

भारत में एनडीए सरकार के कार्यकाल में वे भारतीय जनता पार्टी में भी शामिल हो गए थे.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार