पेट्रोल के दाम घटाना सरकार के लिए संभव नहीं:प्रणब

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Image caption वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने साफ कहा कि पेट्रोल के दाम घटाना सरकार के लिए संभव नहीं है.

पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि पर प्रमुख सहयोगी दलों के कडे़ विरोध के बावजूद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने साफ कहा कि पेट्रोल के दाम घटाना सरकार के लिए संभव नहीं है.

वित्त मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि पेट्रोल की कीमतें तय करना अब सरकार के हाथों में नहीं है. इसे मंत्रिमंडल की मंज़ूरी से जून 2010 से नियंत्रण मुक्त किया जा चुका है.

ऐसे में अब तेल कंपनियां अपने फ़ायदे और घाटे के मुताबिक कीमतें तय करती हैं.

उन्होंने कहा कि भारत और दुनिया के अन्य देशों में कहीं भी पेट्रोल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के अनुसार तय होती है.

समर्थन वापसी की धमकी

पेट्रोल महंगा किए जाने पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से समर्थन वापसी की धमकी पर मुखर्जी ने कहा कि उन्हे पता चला है कि सरकार की सहयोगी तृणमूल कांग्रेस नाराज़ है. वो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करेंगे और उम्मीद है कि यह मुद्दा हल हो जाएगा.

उन्होने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है.

खाने-पीने की चीजों की महंगाई में लगातार इजाफे पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अपनी ओर से हरसंभव कोशिश कर रही है. लेकिन वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती से इसे रोक पाना मुश्किल हो रहा है.

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बैनर्जी ने पेट्रोल की क़ीमत बढ़ाए जाने पर अपना विरोध व्यक्त करते हुए कहा था कि सहयोगी दलों से चर्चा किए बिना इस तरह से 11 महीनों में 12 बार पेट्रोलियम के दाम बढ़ाना उन्हें मंज़ूर नहीं है.

उनका कहना था कि तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल की बैठक में सांसदों ने यूपीए गठबंधन से हटने का फ़ैसला लिया था लेकिन प्रधानमंत्री के विदेश से लौटने के बाद उनसे चर्चा करके ही कोई फ़ैसला लिया जाएगा.

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