कुडनकुलम संयंत्र पर वैज्ञानिकों से 50 सवाल

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Image caption कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र से तमिलनाडु केरल और कर्नाटक को बिजली दिया जाना प्रस्तावित है

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में 1000 मेगावॉट की कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र के विरोधियों ने केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए 15 वैज्ञानिकों को अपने 50 सवाल सौंपे हैं.

केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए 15 सदस्यीय दल की मंगलवार को कुडनकुलम ऊर्जा संयंत्र विरोधियों से पहली मुलाक़ात थी.

इस बैठक के पहले ही बहस बहुत ही बढ़ चुकी है. भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपाल कृष्ण गाँधी भी इस बहस में शामिल हो गए हैं.

रविवार को कलाम ने कुडनकुलम का दौरा करने के बाद इसे एकदम सुरक्षित करार दिया.

पक्ष-विपक्ष

सोमवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपाल कृष्ण गाँधी ने कलाम के उलट इस संयंत्र के विरोध में झंडा उठा लिया. गाँधी ने कहा कि अगर यह परमाणु संयंत्र शुरू होता है तो "फुकुशिमा जैसे हादसे" नहीं दोहराए जाएँगें, यह गारंटी के साथ नहीं कहा जा सकता.

इस सबके बीच कुडनकुलम में भी संयंत्र के पक्ष और विपक्ष में राजनितिक तेज़ हो गई है. मौक़े पर मौजूद पत्रकार पल्लव बागला कहते हैं कि अब सांप्रदायिक आधार पर भी खेमेबाज़ी शुरू हो गई है.

बागला के अनुसार कुडनकुलम में विरोध मंच का कार्यालय स्थानीय चर्च में है और तूतीकोरिन के बिशप फ़ादर इवान एम्ब्रोस संयंत्र विरोधियों के नेताओं में से एक हैं.

बागला ने बताया कि दूसरी तरफ़ मंगलवार को एक दूसरे स्थानीय हिंदूवादी संगठन हिंदू कॉंग्रेस ने संयंत्र को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की है.

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