हरिद्वार में भगदड़, 20 की मौत, 50 घायल

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Image caption भगदड़ में मारी गए लोगों में ज़्यादातर महिलाएं हैं

उत्तराखंड में अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार में गायत्री परिवार के यज्ञ समारोह के दौरान मची भगदड़ में 20 लोग मारे गए हैं.

इसमें 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं. मरनेवालों में अधिकतर महिलाएं हैं. बुधवार को उत्तराखंड का स्थापान दिवस है लेकिन हादसे को देखते हुए अब कोई समारोह नहीं होगा.

हरिद्वार के जिलाधिकारी सैंथिल पांडियन ने घटना की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दे दिये हैं.

इस घटना के बाद गायत्री परिवार के प्रमुख प्रणव पंड्या ने घटना की नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार की है और अगले सभी कार्यक्रमों को रद्द करने की घोषणा की है.

उन्होंने मृतकों के परिवारजनों को दो दो लाख का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

उत्तराखंड सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को दो दो लाख का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

गायत्री परिवार ने अपने संस्थापक श्रीराम शर्मा की जन्मशताब्दी के अवसर पर छह नवंबर से सोलह नवंबर के बीच यज्ञ सहित कई कार्यक्रम आयोजित किया है और इसमें भाग लेने के लिए देश के कई हिस्सों से हज़ारों लोग हरिद्वार पहुँचे हुए हैं.

भगदड़

ये घटना मंगलवार को सुबह लगभग 11 बजे घटी जब लोगों की भारी भीड़ हर की पौड़ी के पास लालजीवाला इलाक़े की यज्ञशाला में जमा हो रही थी.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक भगदड़ मच गई और लोग एक दूसरे पर गिरते और दबते गए.

आरंभिक जानकारी के अनुसार यज्ञशाला में आने और जाने का एक ही रास्ता था और धुंआ भी बहुत ज़्यादा था. जिससे वहाँ कुछ देख पाना संभव नहीं हो रहा था

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Image caption भगदड़ के बाद आयोजकों ने शेष कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है

कुछ लोगों का कहना है कि उसी समय हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल का काफ़िला वहां से गुज़र रहा था.

घायलों ने बताया कि उसी दौरान व्यवस्था बनाने के लिये सुरक्षाकर्मियों ने लाठी का इस्तेमाल किया जिससे बचने के लिये लोग भागने लगे थे और हादसा घट गया.

शांतिकुंज के प्रमुख प्रभारी डा राम महेश मिश्रा ने बीबीसी से कहा,"आज बहुत ज़्यादा वीआईपी मूवमेंट है.बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी और हिमाचल के मुख्यमंत्री भी आए हुए हैं."

उनका कहना है, "ये घटना बहुत दुखद है लेकिन अब सब कुछ नियंत्रण में है. इसके लिये किसी को दोषी नहीं ठहरा सकते न पुलिस को न गायत्री परिवार को."

लेकिन इसके बाद गायत्री परिवार के प्रमुख प्रणव पंड्या ने इस घटना की नैतिक ज़िम्मेदारी ली है.

उन्होंने यज्ञ सहित सभी कार्यक्रमों को रद्द करने की घोषणा की है और कहा है, "बुधवार को एक शांति पाठ किया जाएगा उसके बाद ये आयोजन ख़त्म हो जाएगा."

इस आयोजन में शामिल होने आई गिरिडीह, झारखंड की गायत्री परिवार की कार्यकर्ता उर्मिला ने कहा, "इतनी भारी भीड़ है कि पांव रखने की जगह नहीं है और लोगों की अपनी हड़बड़ी और बेसब्री के कारण ही ये हादसा हुआ."

शांतिकुंज में अधिकांश व्यवस्था गायत्री परिवार के कार्यकर्ता ही देख रहे हैं.

कार्यक्रम

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Image caption गायत्री परिवार के इस कार्यक्रम में देश विदेश से लाखों लोगों के आने का दावा किया गया है

हरिद्गार में गायत्री परिवार के संस्थापक श्रीराम शर्मा का जन्मशताब्दी समारोह मनाया जा रहा है.

आयोजकों का दावा है कि इस अवसर पर 80 से अधिक देशों से लाखों की संख्या में लोग हरिद्वार आए हुए हैं.

इस अवसर पर बड़े पैमाने पर समारोह का आयोजन किया गया है और आयोजकों ने कहा है कि विभिन्न देशों के राजदूत, मुख्यमंत्री, नेता, अभिनेता और हज़ारों की संख्या में विदेशी वहाँ आ रहे हैं.

गायत्री परिवार ने इसे गायत्री महाकुंभ का नाम दिया है.

छह नवंबर से शुरू हुआ ये समारोह 16 नवंबर तक चलेगा और इसका सबसे बड़ा कार्यक्रम 1551 कुंडीय यज्ञ है.

आयोजकों के अनुसार'विश्व शांति और सद्भावना' के लिये किए जा रहे इस यज्ञ में हर दिन 50 हजार लोग आहुति डाल रहे हैं.

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