आश्वासन नहीं मिला, तो तृणमूल ने चेतावनी दी

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Image caption तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने पहले समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी

पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाने से नाराज़ तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर चेतावनी दी है कि अगर इसके बाद पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए तो पार्टी यूपीए सरकार से साथ रहने पर विचार करेगी.

उधर ममता बनर्जी ने भी इसी तरह की एक चेतावनी वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मिलकर दी है.

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल ने यूपीए गठबंधन से हटने का फ़ैसला किया था, लेकिन पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने उन्हें रोक दिया था और कहा था कि प्रधानमंत्री से चर्चा करने के बाद ही कोई फ़ैसला किया जाएगा.

उनकी मांग थी कि पिछले हफ़्ते पेट्रोल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी को वापस लिया जाए.

हालांकि मंगलवार को हुई मुलाक़ात के बाद सांसदों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने वर्तमान बढ़ोत्तरी को वापस लेने का कोई आश्वासन नहीं दिया है.

वैसे मनमोहन सिंह ने कान में जी20 सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट कर दिया था कि पेट्रोल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी को वापस नहीं लिया जाएगा और क़ीमतें बाज़ार ही तय करेंगी.

तृणमूल कांग्रेस यूपीए दूसरा बड़ा घटक दल हैं जिसके पास कुल 18 सांसद हैं.

और क़ीमतें बढ़ाने का विरोध

प्रधानमंत्री से 45 मिनट हुई मुलाक़ात के बाद तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा, "हमने संसदीय दल में पारित प्रस्ताव की एक प्रति प्रधानमंत्री को देकर अपनी भावनाओं से उन्हें अवगत करवाया."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने पत्रकारों से कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री से स्पष्ट रूप से कहा है कि मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार डीज़ल, एलपीजी और मिट्टी तेल की क़ीमतें बढ़ने जा रही हैं लेकिन तृणमूल कांग्रेस को ये मंज़ूर नहीं है.

सुदीप बंदोपाध्याय का कहना है कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि उन्हें ऐसे किसी निर्णय की जानकारी नहीं है.

ये पूछे जाने पर कि क्या मनमोहन सिंह ने पेट्रोल के दामों में हाल ही में हुई बढ़ोत्तरी को वापस लेने का कोई आश्वासन दिया है, तो उन्होंने इससे इनकार किया.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति से भी अवगत करवाया.

तृणमूल कांग्रेस नेता के अनुसार उन्होंने यूपीए-2 में घटक दलों और सरकार के बीच तालमेल में कमी का सवाल उठाया और प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि इसमें सुधार किया जाएगा.

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