एसआईटी को दिए गए गुजरात के नौ मामले

  • 10 नवंबर 2011
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Image caption गुजरात दंगो के नौ प्रमुख केस एसआईटी को जांच के लिए दिए गए.

सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की फिर से जाँच करने के लिए पाँच सदस्यीय विशेष जाँच दल का गठन किया था. गुजरात दंगो के नौ प्रमुख केस एसआईटी को जाँच के लिए दिए गए.

गोधरा ट्रेन हादसा

27 फ़रवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के एक डब्बे में आग लगी, उस आग में 59 लोग मारे गए थे. इनमें से ज़्यादातर अयोध्या से लौट रहे हिंदू कारसेवक थे. इस मामले की सुनवाई जून 2009 में शुरू हुई थी. गोधरा कांड में अहमदाबाद की विशेष अदालत ने एक मार्च 2011 को दोषी क़रार दिए गए 31 लोगों में से 11 लोगों को मौत और 20 को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.

नरोदा पाटिया

28 फ़रवरी 2002 को नरोदा पटिया में हुए दंगे में 95 लोग मारे गए थे. पूर्व मंत्री माया कोडनानी समेत 67 लोगों को इस मामले में अभियुक्त बनाया गया है.

नरोडा ग्राम

वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के कुछ मामलों की नई सिरे से जाँच कर रहे विशेष जाँच दल ने भारतीय जनता पार्टी की नेता और पूर्व मंत्री माया कोडनानी के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल किया है. नरोडा ग्राम में 11 लोग मारे गए थे.

गुलबर्ग

2002 में हुए दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसाइटी में भड़की हिंसा में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री समेत कुल 69 लोगों की मौत हो गई थी.

सरदारपुरा मामला

साल 2002 में मार्च की पहली तारीख़ को हिंदुओं और मुसलमानों के बीच हुए सांप्रदायिक दंगों में 33 लोगों को ज़िंदा जला कर मार डाला गया था. गुजरात के मेहसाणा में एक विशेष अदालत ने गोधरा कांड के बाद सरदारपुरा में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले में 73 में से 42 अभियुक्तों को रिहा कर दिया है. बाक़ी 31 अभियुक्त दोषी ठहराए गए हैं जिन्हे उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.

डीपड़ा दरवाज़ा

मेहसाणा जिले के डीपड़ा दरवाज़ा इलाक़े में गोधरा कांड के बाद भड़की हिंसा में 11 लोगों की मौत हो गई थी.

ओड गांव

गुजरात के आनंद में स्थित ओड गांव के दो मामले विशेष जाँच टीम को दिए गए थे. ओड में हुई हिंसा में 30 लोगों की मौत हो गई थी.

काडी शहर

मेहसाणा के काडी शहर में हुई हिंसा में 65 लोगों की मौत हो गई. काडी में 56 दुकानों को आग लगा दी गई थी.

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