लोकायुक्त अधिकारी के तबादले का विरोध

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Image caption हेगड़े कहते है कि तबादले से जांच कमज़ोर पड़ेगी

कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने लोकायुक्त अधिकारी जीवन कुमारगांवकर के तबादले की निंदा की है.

हेगड़े का कहना है कि इस तबादले से कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ जांच कमज़ोर पड़ जाएगी.

गुरुवार को कुमारगांवकर और उनके मातहत दो अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया है.

कर्नाटक सरकार ने अतिरिक्त महानिदेश, कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस, कुमारगांवकर का तबादला कर उनकी जगह अपराध और तकनीकि मामलों के अतिरिक्त महानिदेशक सत्यनारायण राव को दी थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई को हेगड़े ने कहा कि "लोकायुक्त पुलिस बड़े और शक्तिशाली लोगों के ख़िलाफ़ जांच कर रही थी" और गांवकर का आचरण "सकारात्मक" लग रहा था.

विरोध

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और टीम अन्ना के सदस्य संतोष हेगड़े ने कहा कि इस क़दम का राजनितिक हलक़ों में विरोध हो रहा है.

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Image caption हेगड़े ने येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे

पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े की जाँच ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पर आरोप लगाए थे कि 2006 से 2010 के बीच उनकी वजह से राजकोष को 160 अरब डॉलर का घाटा हुआ.

भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद 31 जुलाई को येदियुरप्पा ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

23 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद पिछले मंगलवार को येदियुरप्पा को ज़मानत मिल गई थी.

बिना किसी का नाम लिए हेगड़े ने बताया कि कुछ लोगों को आखिरकार ज़मानत मिल गई औऱ वो रिहा हो गए हैं लेकिन उनके ख़िलाफ़ जांच अभी जारी है.

हेगड़े ने पीटीआई से कहा, "आखिर उनके (कुमारगांवकर) के तबादले की ऐसी हड़बड़ी क्यों थी. साफ़ है कि जांच को कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है."

कर्नाटक के स्थानीय पत्रकार भास्कर हेगड़े ने बीबीसी को बताया कि राज्य में इस तबादले का विरोध हो रहा है. उन्होनें कहा, "कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष जी परमेश्वरा ने कुमारगांवकर के पूर्ण बहाली की मांग की है और भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह इस जाच को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है."

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