कांग्रेस नेताओं के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज

  • 15 नवंबर 2011
Image caption यह घटना इलाहाबाद में राहुल गांधी की जनसभा के दौरान घटी.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को इलाहाबाद में राहुल गांधी की जनसभा के दौरान सुरक्षा घेरा तोड़कर हेलिपैड की तरफ दौड़ने वाले युवक के साथ मारपीट के आरोप में केंद्र सरकार के दो मंत्रियों समेत, कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है.

मायावती सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने देर रात एक लिखित विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है.

विज्ञप्ति में कहा गया है, झूंसी के रेलवे ग्राउण्ड में सोमवार को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की जनसभा के दौरान हुए उपद्रव के मामले में केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह, कांग्रेस विधान मण्डल दल के नेता प्रमोद तिवारी तथा कांग्रेस विधायक नसीब पठान के खिलाफ झूंसी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.''

विज्ञप्ति में बताया गया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक यादव ने झूंसी थाने में मंगलवार को मुक़दमा लिखाने का प्रार्थनापत्र दिया है.

इसमें लिखा है कि वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाली पर राहुल गांधी को एक ज्ञापन देना चाहते थे. लेकिन उनसे मिलने की कोशिश में इन चार कांग्रेस नेताओं तथा इनके सुरक्षा कर्मियों समेत कई लोगों ने उन्हें जमकर लात-घूंसों से मारा-पीटा और अपने सुरक्षा कर्मियों से कहा कि इसे थाने ले जाकर संगीन अपराधों में बंद करा दो.

विज्ञप्ति के मुताबिक पुलिस ने श्री यादव की तहरीर पर कांग्रेस नेताओं और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147/149, 323, 504 तथा 7 क्रिमिनल ला एमेण्डमेन्ट के तहत झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

'राहुल गांधी की रक्षा वैधानिक अधिकार'

विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी.

ज़ाहिर है कि पुलिस ने काफी संगीन धाराएं लगायी हैं, जिससे जमानत मिलने में मुश्किल हो.

इस घटना को टेलीविजन न्यूज में प्रमुखता से दिखाया गया था, जिसमें साफ़ दिखता है कि सभास्थल पर हेलीपैड के पहुँचते ही युवक अभिषेक यादव और उनके कुछ साथी हाथ में काले झंडे लिए हुए तेजी से उधर दौड़ते हैं.

कांग्रेस के ये नेता उस युवक को पकड़कर जमीन पर गिरा देते हैं और फिर लात घूंसों से पिटाई करते हैं. इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बल के लोग इन युवकों को काबू में करके खदेड़ देते हैं.

कांग्रेस पार्टी ने इसे राहुल गांधी की सुरक्षा में पुलिस की बहुत बड़ी चूक बताया था. प्रमोद तिवारी ने सफाई दी थी कि अतीत में राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी और दादी इंदिरा गांधी की ह्त्या कर दी गयी थी. राहुल गाँधी को भी ख़तरा है, जिसकी वजह से उन्हें एसपीजी की कड़ी सुरक्षा प्राप्त है.

प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस पृष्ठभूमि में जब वह युवक दौड़ा तो राहुल गांधी की रक्षा करना उनका वैधानिक अधिकार है और उन्होंने कोई गलती नहीं की.

उत्तर प्रदेश के थानों में रपट लिखाना काफ़ी मुश्किल काम है और वह भी केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ.

लेकिन जिस तरह पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और राज्य सरकार ने देर रात प्रेस विज्ञप्ती जारी की, उससे साफ़ है कि मुख्यमंत्री मायावती इस घटना को लेकर अपने विरोधी कांग्रेस नेताओं को सबक सिखाना चाहती हैं.

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