वाल्सा हत्या मामले में सात लोग हिरासत में

  • 18 नवंबर 2011
सिस्टर वाल्सा
Image caption सिस्टर वाल्सा ने पेनम कोयला खनन परियोजना में विस्थापितों की अगुवाई की.

झारखंड के पाकुड़ ज़िले में हुई सिस्टर वाल्सा की हत्या के मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है.

पुलिस अधीक्षक अमरनाथ खन्ना का कहना है कि आदिवासियों ने सिस्टर वाल्सा जॉन की हत्या की है और इस संबंध में सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

उनका कहना है कि जो लोग सिस्टर वाल्सा की हत्या करने आए थे, वे संथाली बोल रहे थे और उनके हाथ में खंती, गँडासा और डंडा था.

मंगलवार को कुछ अज्ञात लोगों के भीड़ ने सिस्टर वाल्सा के घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी थी.

खन्ना का कहना था कि सिस्टर वाल्सा जिस कमरें में रहती थी, वो बहुत बड़ा नहीं था और उन्हें मारने के लिए केवल दो या तीन लोग ही उस घर में घुस पाएं होंगे.

सिस्टर वाल्सा पेनम कोयला परियोजना की वज़ह से विस्थापित हुए आदिवासियों के लिए जल, जंगल और ज़मीन की लड़ाई लड़ रही थी. इस परियोजना के तहत कोयला पंजाब बिजली बोर्ड को जाता है.

सिस्टर वाल्सा के भाई बेबी का कहना है कि सिस्टर वाल्सा ने पेनम कोयला खनन परियोजना में विस्थापितों की अगुवाई की.

उन्होंने बताया कि ये मामला हाई कोर्ट में गया, लेकिन वे हार गए जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जब मामला गया तो समझौता हो गया. इसके तहत एमओयू यानी सहमति-पत्र में आदिवासियों के लिए नौकरी, खनन से जुड़े दूसरे काम देना, स्कूल और अस्पताल की स्थापना करना भी शामिल था.

हितों को नुक़सान

बेबी का कहना था, ''इस समझौते से जिन लोगों को नुक़सान हो रहा था, उन लोगों ने कुछ आदिवासियों को भड़काने की कोशिश भी की. परिणामस्वरुप उन्होंने एक अलग समिति भी बना ली थी. इन्हीं लोगों ने कुछ आदिवासियों को साथ लेकर सिस्टर वाल्सा की हत्या करवाई हैं.''

हालांकि बेबी ये भी कहते है उनकी बहन वाल्सा को उन लोगों ने धमकी भी दी थी जिनके हितों का इस समझौते से नुक़सान हो रहा था.

पुलिस अधीक्षक खन्ना धमकी की बात से इनकार करते हैं. उनका कहना है कि सिस्टर वाल्सा के घर से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है जिससे ये पुख़्ता तौर पर कहा जा सके कि उन्हें धमकी मिली थी.

वे कहते है, ''सात तारीख़ को सिस्टर वाल्सा लौटी थी और इन लोगों ने आठ तारीख़ को उनका विरोध किया. इन लोगों का कहना था वे सिस्टर को यहाँ रहने नहीं देंगे. ये लोग सिस्टर वाल्सा पर आरोप लगा रहे थे कि वे पैनल यानी कंपनियों से जा कर मिल गई थी और ये लोग उनके वहाँ रहने पर विरोध कर रहे थे.''

बहरहाल सिस्टर साल्वा के भाई बेबी को संतुष्टि है कि इस मामले में सात लोगों को पकड़ा जा चुका है लेकिन वे कहते है उनकी आत्मा को तभी शांति मिलेगी जब वे हत्यारे पकड़े जाएंगे.

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के अनुसार संथाल परगना के इलाक़े में विस्थापन के मुद्दे को लेकर आदिवासियों का एक लंबा संघर्ष चलता आ रहा है.

इस इलाक़े में बड़ी-बड़ी कोयले की परियोजनाएं आई, जिसकी वज़ह से बड़े पैमाने पर यहाँ के रहने वाले लोग विस्थापित हुए.

संथाल परगना

हालांकि ये इलाक़ा संविधान की पाँचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, जिसके तहत आदिवासियों की ज़मीन बेची या ख़रीदी नहीं जा सकती है और विकास परियोजनाओं को तब तक लागू नहीं किया जा सकता है जब तक ग्राम सभा ज़मीन अधिग्रहण की अनुमति ना दे.

यहाँ लोग ये आरोप लगाते रहे हैं कि कड़े क़ानूनी प्रावधानों के बावजूद आदिवासियों की ज़मीनें परियोजनाओं के लिए जबरन अधिग्रहित कर ली गई.

ऐसा भी कहा जा रहा है कि हाल ही में पेनम कंपनी के साथ हुए समझौते को लेकर आदिवासियों के बीच मतभेद भी पैदा हुए हैं.

ऐसी आशंका भी है कि कुछ स्थानीय राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने वाल्सा जॉन के ख़िलाफ़ आदिवासियों को एक बड़े तबके को भड़काने की कोशिश की.

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