बायोमेट्रिक डाटाः गृह मंत्री, आधार में ठनी

  • 19 नवंबर 2011
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Image caption गृहमंत्री पी चिदंबरम ने चिट्ठी में लिखा है कि यह मामला यूआइडी की कैबिनेट कमेटी में रखा जाए

गृह मंत्रालय का कहना है कि आधार प्रोजेक्ट के लिए जो बायोमेट्रिक डाटा लिया जा रहा है वह सुरक्षा की कसौटी पर खरा नहीं उतरता.

इस बारे में गृहमंत्री पी चिदंबरम ने चिट्ठी लिखी है और कहा है कि यह मामला यूआइडी की कैबिनेट कमेटी में रखा जाए.

यूआईडी प्रोजेक्ट के लिए बायोमेट्रिक डाटा को लेकर गृह मंत्रालय और आधार प्रोजेक्ट में मतभेद सामने आ रहे हैं. गृहमंत्री चिदंबरम ने योजना आयोग के अध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया को लिखा है कि यूआइडी जो आंकड़े ले रहा है वो देश की सुरक्षा के नज़रिए से ठीक नहीं है.

उनका कहना है कि ये मामला जल्द से जल्द कैबिनेट कमेटी के सामने उठाया जाए.

उन्होंने कहा कि आधार में फ़र्ज़ी पहचान का असली खतरा है और यह संभव है कि ऐसे लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं जो नहीं होने चाहिए.

वहीं आधार के चेयरमैन नंदन नीलेकणि का कहना है कि आधार के लिए आंकड़े तय किए गए नियमों के हिसाब से लिया गए है.

आपत्ति

उधर रजिस्ट्रार जनरल ऑफ़ इंडिया और जनगणना आयुक्त डॉ सी चंद्रामौली ने भी आधार प्रोजेक्ट में लिए जाने वाले बायोमेट्रिक डाटा पर आपत्ति जताई है और कहा है कि यह उनका काम है न कि यूआइडी का.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि नेशनल पापुलेशन रजिस्टर के तहत मंत्रालय ने उन्हें दिसंबर 2012 तक देश भर में बायोमेट्रिक डाटा लेने के लिए कहा है और उनका विभाग अपना काम कर रहा है.

वहीं कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरीके से आधार का काम चल रहा है उसमें काफ़ी ख़ामियां हैं और इससे सुरक्षा के कई ख़तरे पैदा होते हैं.

यूआईडी से जुड़े मामलों पर नज़र रखने वाले पवन दुग्गल का कहना है, ''इस सारे डेटा को खतरा है...इसे सुरक्षित रखना बहुत बड़ी चुनौती है. और ऐसा अभी तक कोई कानून भी नहीं है जिसके तहत यह जानकारी ली जा रही है.''

क्या है आधार

यूआईडीएआई का मकसद प्रत्येक भारतीय निवासी के विशिष्ट पहचान संख्या को उसके जनसांख्यिकीय एवं बायोमेट्रिक जानकारी के साथ जोड़ना है. ताकि वह भारत में कहीं भी अपनी पहचान स्थापित कर सके तथा लाभ एवं सेवाओं का उपयोग कर सके.

विशिष्ट संख्या जिसे यूआईडी कहा जाता है को आधार का नाम दिया गया है.

आधार अब तक लगभग 470 करोड़ रुपए के खर्च पर 12 करोड़ यूआइडी कार्ड बना चुका है और उसे कुल 20 करोड़ कार्ड बनाने हैं. लेकिन फिलहाल आधार के बायोमेट्रिक डाटा को लेकर अनिश्चिताएं पैदा हो गई हैं.

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