हंगामे के बाद संसद के दोनों सदन स्थगित

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Image caption सत्र शुरु होने के बाद हंगामे का ये लगातार तीसरा दिन है

संसद के दोनो सदनों में गुरूवार को ज़ोरदार हंगामे के चलते शीतकालीन सत्र के लगातार तीसरे दिन भी प्रश्नकाल नहीं हो पाया.

विपक्षी दलों की तरफ़ से महंगाई पर नारे लगाने और तेलंगाना राज्य की मांग पर हंगामा होने की वजह से संसद की दोनों सदनों को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

लोकसभा स्पीकर के संसद में प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा करते ही आंध्र प्रदेश के तेलंगाना इलाक़े के सांसद अलग राज्य की मांग में नारे लगाने लगे.

महंगाई और खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के मुद्दों को लेकर संसद की दोनों सदनों में हंगामा हुआ.

महंगाई

लोकसभा में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य महंगाई के ख़िलाफ़ नारे लगाते हुए अध्यक्ष की कुर्सी के पास पहुँच गए.

बहुजन समाज पार्टी और वामपंथी दलों के भी सदस्यों ने महंगाई के मुद्दे पर नाराज़गी जताई.

इधर भारतीय जनता पार्टी के सासंदों ने बाढ़ग्रस्त उड़ीसा को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग की.

बीजेपी सांसदों ने सदन में पोस्टर और तख्तियां भी दिखाई जिसमे लिखा था, “यूपीए की तरफ़ से सौतेला व्यवहार स्वीकार नही”, “उड़ीसा को विशेष दर्ज़ा दिया जाना चाहिए”.

बीजेपी सदस्यों ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवानी के अगुवाई में काले धन के मुद्दे पर काम रोकों प्रस्ताव को अनुमति देने की मांग की.

वामपंथी दल महंगाई के मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव लाना चाहते हैं.

विदेशी निवेश

खुदरा बाज़ार क्षेत्र में 51 फीसदी विदेशी निवेश खोलने के प्रस्ताव पर यूपीए सरकार में मतभेद साफ़ दिख रहा है.

सरकार की सहयोगी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह खुदरा बाज़ार क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति दिए जाने के ख़िलाफ़ है.

विपक्षी पार्टियों ने भी विदेशी निवेश का विरोध किया है और कहा है कि ऐसा करने से खुदरा व्यापारियों को नुक़सान होगा.

ख़बरें हैं कि गुरुवार को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में एफ़डीआई और विमानन क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए रास्ता खोलने पर विचार किया जाएगा.

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