किरण बेदी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर

  • 27 नवंबर 2011

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अपराध शाखा को किरण बेदी के ख़िलाफ़ विदेशी कंपनियों और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर धोखाधड़ी तथा कोष में अनियमितता के मामले में 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है.

अदालत ने देवेंद्र सिंह चौहान नाम के एक वकील एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया.

याचिकाकर्ता का कहना है कि किरण बेदी ने अपने एनजीओ इंडिया विजन फाउंडेशन के तहत कई तरह की धोखाधड़ी की.

धोखाधड़ी

संगठन ने एक केंद्रीय पुलिस संगठन के कर्मचारियों के बच्चों को मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग देने का काम हाथ में लिया था. इसके बावजूद उन्होंने प्रति छात्र 15 हज़ार रुपए वसूले.

याचिकाकर्ता देवेंद्र चौहान ने किरण बेदी पर सरकारी ज़मीन का किराया वसूल करने का भी आरोप लगाया.

इस ख़बर पर प्रतिक्रिया देते हुए किरण बेदी ने कहा कि प्राथमिकी उनके लिए हैरानी वाली बात नहीं हैं.

वेबसाइट ट्विटर पर बेदी ने कहा कि उन्हें सूचित किया गया है कि उनके ख़िलाफ़ एक प्राथमिकी दर्ज हुई है. ये हैरान करने वाली बात नहीं है, ये उऩके काम करने के संकल्प को और मजबूत बनाता है.

इससे पहले भी किरण बेदी पर आरोप लगा था कि वह उन एनजीओ और संस्‍थाओं से ज्‍यादा बिल वसूल रही हैं, जो उन्‍हें सेमिनार या बैठकों में बुलाते रहे हैं.

यानि कि किरण बेदी ने खरीदे तो रियायती हवाई टिकट लेकिन वसूला पूरा किराया.

किरण बेदी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि जो पैसा मिला वो उनकी संस्था इंडिया विज़न फाउंडेशन के खाते में जमा हुआ और इसे संस्‍था के ज़रिए ज़रूरतमंदों के काम में लगाया है

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