अवैध ख़नन मामले में आईएएस अधिकारी गिरफ़्तार

  • 28 नवंबर 2011
श्रीलक्ष्मी
Image caption श्रीलक्ष्मी पर आरोप है कि उन्होने पहले अर्ज़ी देने वालों को नज़रअंदाज़ करके गाली जनार्धन रेड्डी की कम्पनी को भूमि आवंटित की थी.

केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने अवैध ख़नन से जुड़े मामले में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्रीलक्ष्मी को सोमवार की शाम हैदराबाद में गिरफ़्तार किया है.

श्रीलक्ष्मी पर आरोप है कि उन्होंने पहले अर्ज़ी देने वालों को नज़रअंदाज़ करके गाली जनार्धन रेड्डी की कम्पनी को कच्चे लोहे के ख़नन के लिए भूमि आवंटित की थी.

इस मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री गाली जनार्धन रेड्डी और उनकी ओबुलापुरम कम्पनी के प्रमुख श्रीनिवासुलु रेड्डी पहले ही से न्यायिक हिरासत में हैदराबाद की जेल में हैं.

वाई एस राजशेखर रेड्डी की सरकार रहने के दौरान ख़नन विभाग की सचिव रही श्रीलक्ष्मी के साथ अवैध तरीके से गाली जनार्धन रेड्डी को 65 हेक्टर भूमि आवंटित किए जाने को लेकर पूछताछ होती रही है.

श्रीलक्ष्मी को गिरफ़्तार करने से पहले सीबीआई ख़नन विभाग के निदेशक राजगोपाल को भी गिरफ़्तार कर चुकी है और वो भी जेल में हैं.

राजनैतिक दबाव

सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान श्रीलक्ष्मी ने सीबीआई को बताया की ऊपर से राजनैतिक दबाव होने के कारण ही उन्होने यह आदेश जारी किए थे.

भूमि आवंटित करने के लिए जो सरकारी अध्यादेश जारी किया गया था उस पर श्रीलक्ष्मी के हस्ताक्षर थे.

ये भी पहली बार है की नियमों के उल्लंघन से जुड़े किसी मामले में एक आईएएस अधिकारी को गिरफ़्तार करके जेल भेजा गया है.

सीबीआई भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में कई दूसरे आईएएस अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है.

ख़नन मामले में सीबीआई एक अन्य आईएएस अधिकारी जीवीके भानू से भी पूछताछ कर चुकी है जो मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के कार्यालय में उस समय ऊंचे पद पर थे जब गाली जनार्धन रेड्डी को भूमि की आवंटन किया गया था.

भानू को वाईएसआर का बहुत ही करीबी समझा जाता था.

हैदराबाद की अदालत ने आज ही गाली जनार्धन रेड्डी और श्रीनिवासुलु रेड्डी की न्यायिक हिरासत की अवधि को तीन दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया है.

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