कनिमोड़ी को टू-जी मामले में ज़मानत मिली

  • 28 नवंबर 2011
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Image caption कनिमोड़ी 20 मई से जेल में बंद है. तस्वीर रॉयटर्स

राज्यसभा से डीएमके की सांसद कनिमोड़ी और चार अन्य अभियुक्तों को टू-जी स्पेक्ट्रम मामले में ज़मानत मिल गई है.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कनिमोड़ी के अलावा डीबी रिएलिटी ग्रुप के डायरेक्टर राजीव अग्रवाल, केटीवी प्रबंध निदेशक शरद कुमार, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर आसिफ़ बलवा, और फ़िल्म निर्माता करीम मोरानी को पांच-पांच लाख रुपए के दो निजी मुचलकों पर ज़मानत दे दी.

आसिफ बलवा के वकील विजय अग्रवाल ने कहा, "अदालत के सामने हमारी दलील थी की जिन लोगों की सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत हुई थी उन्हें सात साल की सज़ा का प्रावधान था जबकि इनके लिए सिर्फ़ पांच साल तक की सज़ा का प्रावधान है. इसलिए 'प्रिंसिपल ऑफ़ पैरिटी' के तहत उन्हें ज़मानत दी जाए."

मामला

सीबीआई ने कनिमोड़ी की जमानत का विरोध नहीं किया. गौरतलब है कि कनिमोड़ी इस साल के मई महीने से तिहाड़ जेल में बंद हैं.

उन पर 1.76 लाख करोड़ रुपयों के कथित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में शामिल होने का आरोप है. इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा भी अभियुक्त है. राजा अभी भी तिहाड़ में बंद हैं.

भारत के महालेखाकार और नियंत्रक के अनुसार यूपीए की सरकार में दूरसंचार मंत्री रहते हुए ए राजा की वजह से देश के खजाने को इतनी बड़ी रकम का नुकसान उठाना पड़ा.

इस घोटाले में कनिमोड़ी पर राजा के साथ मिलकर काम करने का आरोप है. कनिमोड़ी पर आरोप है कि उन्होंने अपने टीवी चैनल के लिए 200 करोड़ रुपयों की रिश्वत डीबी रियलटी के मालिक शाहिद बलवा से ली जिसके बदले में उनकी कंपनियों को ए राजा ने ग़लत ढंग से स्पेक्ट्रम दिलाया.

राहत

द्रमुक सुप्रीमो एम करुणानिधि की बेटी और राज्य सभा सदस्य कनिमोड़ी की ज़मानत पर पार्टी ने राहत की सांस ली है. पार्टी के नेता टी आर बालू ने कहा, "हम सबको बहुत राहत मिली है. किसी भी मां-बाप को खुशी होगी कि उनके बच्चे जेल में नहीं है. हम कोशिश करेंगे कि कनिमोड़ी आज रात ही जेल से रिहा हो जाए." कनिमोड़ी के अलावा चार लोगों को ज़मानत मिली लेकिन इसी मामले में पूर्व दूरसंचार सचिव सिदार्थ बेहुरा को ज़मानत नहीं मिली है. सीबीआई ने उन्हें ज़मानत दिए जाने का विरोध किया था. उनकी ज़मानत पर बहस खत्म नहीं हुई है.

ये पांचवा मौका था जब कनिमोड़ी ने जमानत की अपील की थी. इससे पहले शुक्रवार को दिनभर चली बहस के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी थी.

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