एफ़डीआई:गतिरोध जारी, प्रणब केबिनेट से बात करेंगे

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption संसद की कार्यवाही लगातार छठे दिन नहीं चल पाई है

खुदरा व्यापार में केंद्रीय मंत्रिमंडल के 51 प्रतिशत विदेशी पूँजी निवेश को इजाज़त देने के फ़ैसले पर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है और संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार छठे दिन नहीं चल पाई है.

इस मुद्दे पर सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मामला सुलझाने का प्रयास हुआ लेकिन विपक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येजुरी, त्रिणमूल कांग्रेस के सूदीप बंदोपाध्याय और बहुजन समाज पार्टी के सतीश मिश्र ने पत्रकारों को बताया कि पूरे विपक्ष ने एकजुट होकर कहा कि सरकार इस फ़ैसले को वापस ले.

उन्होंने ये भी बताया कि सरकार की ओर से वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना था कि वे प्रधानमंत्री और केबिनेट को इन आपत्तियों के बारे में अवगत कराएँगे लेकिन इस बारे में फ़ैसला लेने में कुछ देर लग सकती है.

नकारात्मक असर होगा: येचुरी

सीताराम येचुरी ने कहा, "विपक्ष ने प्रणब मुखर्जी को अवगत कराया कि इस फ़ैसले का नकारात्मक असर होगा. हम इस बात के भी ख़िलाफ़ है कि ऐसे फ़ैसले केवल केबिनेट की बैठक में ही ले लिए जाएँ."

उनका कहना था, "विपक्ष ये चाहता है कि सरकार पहले अपना फ़ैसला वापस ले. यदि प्रणब मुखर्जी केबिनेट के साथ चर्चा करके आज ही हमें अवगत करा दें तो आज से संसद की कार्यवाही शुरु हो सकती है. लेकिन जब तक सरकार फ़ैसला वापस नहीं लेता तब तक संसद की कार्यवाही नहीं होगी."

प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने भी कहा है कि जब तक सरकार फ़ैसला वापस नहीं लेती तब तक संसद काम नहीं करेगी.

भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, "पूरा विपक्ष मांग कर रहा है कि ये फ़ैसला वापस हो. स्पष्ट है कि अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस ने खुदरा व्यापार में विदेशी पूँजी निवेश के लिए इस मामले पर लॉबिंग की है. जर्मनी ने पहले ही वॉलमार्ट को बाहर कर दिया है."

संबंधित समाचार