कांग्रेस नेता भी एफ़डीआई के विरोध में

  • 29 नवंबर 2011
Image caption रमेश चेन्नीथला का कहना है कि रिटेल में विदेशी निवेश लाखों को बेरोज़गार कर देगा

केरल कॉंग्रेस के अध्यक्ष रमेश चेन्नीथला ने खुदरा बाज़ार में विदेशी निवेश के खिलाफ़ बिगुल बजा कर केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ा दीं हैं.

चेन्नीथला ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस आलाकमान को एक ख़त लिख कर कहा है कि रिटेल में एफ़डीआई के फैसले पर पुनर्विचार करें. चेन्नीथला ने बीबीसी से बात करते हुए कहा "लाखों की संख्या में लोग बेरोजगार हो जायेगें. अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को लोगों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं होता इसीलिए मैंने इसका विरोध किया है."

जब उनसे पूछा कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा जो लगातार एक करोड़ नई नौकरियों की बात करे रहे हैं क्या वो झूठ बोल रहे हैं तो चेन्नीथाला ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की.

चेन्नीथला ने कहा " यह आपको समझना होगा कि जब रिलायंस रिटेल के क्षेत्र में आया था तब भी लोगों ने यही कहा था कि बहुत नौकरियां आएंगीं. लेकिन इस तरह के बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स के आने से में केरल इसका उल्टा हुआ और बहुत सारे छोटे दुकानदारों का रोज़गार छिन गया."

'आलोचना नहीं'

चेन्नीथला के अनुसार अगर रिटेल के क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को स्वतंत्रता दी गई तो छोटे व्यापारियों के लिए कई गुना समस्या पैदा हो जाएँगीं.

जब चेन्नीथला का ध्यान उन्ही ही तरह एक दूसरे नेता सुलतानपुर से कॉंग्रेस सांसद संजय सिंह सरकार विरोधी बयान दिला कर पूछा गया कि क्या सरकार ने यह निर्णय बिना पार्टी के अंदर मशविरा किए जल्दबाजी में ले लिया है तो उन्होंने कहा " मैं सरकार की आलोचना नहीं करना चाहता. मैं केवल अपने ज़रूरी विचार पार्टी के भीतर नेताओं के सामने रख रहा हूँ. "

केरल कॉंग्रेस के नेता से जब पूछा गया कि अगर उनके आला कमान ने उनकी बात नहीं मानी तो वो कहाँ तक अपना विरोध ले जायेगें, " मैंने अपनी बात कह दी है."

उनके अनुसार इस आदेश में यह अच्छी बात है कि राज्य सरकारों को अंतिम अधिकार दिए गए हैं. इसी के चलते चेन्नीथला ने बताया कि उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री से कह दिया है कि केरल के लिए रिटेल में विदेशी निवेश अच्छा नहीं.

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