'मुस्लिम विरोधी भाषण' पर वरूण को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट
Image caption बीजेपी ने अपने आपको वरुण गांधी के बयान से अलग कर लिया था

सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2009 आम चुनावों के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के एक मामले में भारतीय जनता पार्टी नेता वरूण गांधी को शुक्रवार को एक नोटिस जारी किया है.

दो जजों के पीठ ने वरूण गांधी को ये नोटिस कांग्रेस उम्मीदवार वीएम सिंह की याचिका की सुनवाई के बाद जारी किया है.

याचिका में चुनावों के दौरान भड़काऊ भाषण देने के लिए बीजेपी नेता की संसद सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है.

वीएम सिंह ने पहले ये मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष उठाया था लेकिन अदालत ने उसे ख़ारिज कर दिया था.

जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.

शिकायत

याचिकाकर्ता के वकील एमएन कृष्णमणि ने अदालत से कहा कि हाई कोर्ट ने साक्ष्यों की जांच किए बिना ही उनके मुवक्किल की अर्ज़ी ख़ारिज कर दी थी.

उन्होंने ये भी कहा कि अदालत ने चुनाव से जुड़े इस मामले का निपटारा छह महीनों के भीतर करने की बजाए, जो की ज़रूरी है, इसे दो सालों तक रोके रखा और बाद में इसे ख़ारिज कर दिया.

याचिकाकर्ता का आरोप है कि वरूण गांधी ने अपने भाषण में धमकी दी थी कि 'जो भी हिंदुओं पर हाथ उठाएगा उसके दोनों हाथ काट दिए जाएंगे.'

उन्होंने ये भी कहा है कि बीजेपी उम्मीदवार ने हिंदुओं से भगवद गीता के नाम पर वोट मांगा था ताकि 'भारतीय मुसलमान दूसरा पाकिस्तान न बना पाएं.'

उनके वकील का कहना था कि हाई कोर्ट ने पूरे मामले की जांच करने की बजाए ये तर्क दिया कि अगर कथित भाषण दिया भी गया था तो वो नामांकन दाख़िल करने के पहले हुआ था इसिलिए ये मामला चुनाव के क़ानून के दायरे में नहीं आता है.

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