जी जनार्धन रेड्डी के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल

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Image caption हैदराबाद में जनार्धन रेड्डी के ख़िलाफ़ चार्जशीट के साथ सीबीआई अधिकारी.

कच्चे लोहे के अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने शनिवार को कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्धन रेड्डी के विरुद्ध हैदराबाद की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है.

इस चार्जशीट में जी जनार्धन रेड्डी के अलावा उनकी कंपनी के एमडी श्रीनिवासुलु रेड्डी और आंध्र प्रदेश के खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी राजगोपाल के नाम भी शामिल है.

सीबीआई ने 186 पन्नों पर फैले अभियोग पत्र के साथ लगभग एक हज़ार पन्नों के दस्तावेज़ और दूसरे सबूत भी अदालत में दाखिल किए हैं.

इनमें उपग्रह से लिए गए ऐसे चित्र भी शामिल हैं जिनसे साबित होता है कि रेड्डी की ओबुलापुरम कंपनी को अनंतपुर ज़िले के जिस इलाक़े में खनन का लाइसेंस दिया गया था उससे बाहर दूसरी जगहों पर भी खनन किया गया था.

लेकिन चार्जशीट में उस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री लक्ष्मी का नाम शामिल नहीं है जिन्हें इसी सप्ताह गिरफ्तार किया गया था और कल ही अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया था.

अवैध खनन

सीबीआई के संयुक्त निदेशक लक्ष्मी नारायण ने पत्रकारों से कहा कि अभी इस मामले की जांच चल रही है और उस के पूरे होने के बाद चार्जशीट में कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए जाएंगे.

सीबीआई ने जी जनार्धन रेड्डी के विरुद्ध धोखाधड़ी, चोरी, भ्रष्टाचार सहित कई आरोप लगाए हैं. आंध्र प्रदेश के अधिकारियों पर पक्षपात द्वारा गाली को फ़ायदा पहुंचाने का इल्ज़ाम भी लगाया गया है.

आरोप पत्र में सीबीआई ने कहा है की जनार्धन रेड्डी की कंपनी ने कुल 32 लाख टन लोहे का खनन किया उसमें से 29 लाख टन लोहा अवैध रूप से निकला गया था.

इस कंपनी को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर ज़िले में लाइसेंस देने के राज्य सरकार के फ़ैसले को बाद में केंद्रीय खनन विभाग ने भी मंज़ूरी दी थी. इसलिए अब सीबीआई की छान बीन के दायरे को बड़ा करते हुए केंद्रीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी.

इस बीच हैदराबाद की सीबीआई अदालत ने जी. जनार्धन रेड्डी और श्रीनिवास रेड्डी की न्यायिक हिरासत को 15 दिसम्बर तक बढ़ा दिया है. ये दोनों 5 सितम्बर को बेल्लारी में गिरफ़्तारी के बाद से ही चंचलगुडा जेल में बंद हैं. अदालत ने उन्हें विशेष क़ैदी का दर्जा दिया है.

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