करमापा के ख़िलाफ़ आरोप दर्ज

  • 8 दिसंबर 2011
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Image caption करमापा लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के तीसरे सबसे बड़े गुरु माने जाते हैं.

भारतीय पुलिस ने तिब्बती बौद्धों के तीसरे सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक नेता के ख़िलाफ़ विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप दर्ज किया है.

करमापा के हिमाचल प्रदेश स्थित मुख्यालय से जनवरी 2011 में पुलिस के छापे में 14 लाख डॉलर की विदेशी मुद्रा बरामद हुई थी. ये पैसा चीनी युआन समेत 20 से ज़्यादा विदेशी मुद्राओं में था.

करमापा के अलावा कुछ और लोगों पर भी धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है.

करमापा लामा को तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है. वे लगभग 10 साल पहले चीन से भाग कर भारत आ गए थे. उन्होंने आरोप को ग़लत बताया है.

छापे के समय करमापा के सहयोगियों ने कहा था कि पैसा, करमापा के दुनिया भर में फैले अनुयायियों ने दान में दिया था.

समाचार एजेंसी एपी ने स्थानीय पुलिस के हवाले से बताया है कि बुधवार को जांच ख़त्म करने के बाद करमापा और उनके कुछ सहयोगियों के ख़िलाफ़ एक स्थानीय अदालत में आरोप दाखिल किए.

पुलिस द्वारा जमा किए गए सबूतों की जांच करने के बाद हिमाचल प्रदेश की अदालत फै़सला करेगी कि करमापा और उनके सहयोगियों पर मुकदमा चलाया जाए या नहीं.

करमापा के वकीलों ने कहा है कि उन्हें अब तक अदालत से न तो औपचारिक नोटिस नहीं मिला है और न ही चार्जशीट की प्रतिलिपि.

करमापा ने हमेशा कहा है कि उनका अपने मठ के वित्तीय मामलों से कोई लेना-देना नहीं है.

करमापा, उगयेन थिनले दोर्जे, वर्ष 2000 में भारत आ गए थे. तब से वे धर्मशाला के नज़दीक सिद्धबारी में एक मठ में रह रहे हैं.

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