अस्पताल ने आग की खबर नहीं दी: मंत्री

  • 9 दिसंबर 2011
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Image caption अस्पताल की तरफ़ से कहा गया है कि उसके यहाँ आग से निपटने के लिए सभी उपकरण मौजूद थे

पश्चिम बंगाल में अग्निशमन मंत्री जावेद अहमद खान ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि कोलकाता के अस्पताल एएमआरआई ने आग लगने के बावजूद फ़ायर ब्रिगेड को ख़बर नहीं दी थी.

शुक्रवार तड़के एएमआरआई अस्पताल में लगी आग में अभी तक 73 लोग मारे जा चुके हैं. ज़्यादातर लोग दम घुटने की वजह से मरे हैं. अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर उसके ख़िलाफ़ एफ़आइआर दर्ज किया गया है.

खान ने कहा कि आग की शुरुआत अस्पताल के तहखाने से हुई. यह तहखाना “पूरी तरह अवैध है.”

खान ने यह भी कहा कि इस दुर्घटना के बाद ऐसी सभी जगहों की जाँच कर कार्रवाई जाएगी जहाँ आग लग सकती है.

अस्पताल की तरफ़ से कहा गया है कि उसके यहाँ आग से निपटने के लिए सभी उपकरण मौजूद थे और आग से निपटने के लिए नियमित अभ्यास किए जाते थे.

जावेद खान ने कहा, “अस्पताल के लोगों ने एक टेलीफ़ोन तक नहीं किया. मैं बारह बजे तक दुर्घटनास्थल पर था. उन्होंने टेलीफ़ोन पर भी ख़बर नहीं दी. फ़ायर ब्रिगेड को भी ख़बर नहीं दी. पुलिस के ज़रिए फ़ायर-ब्रिगेड को ख़बर मिली.”

'अवैध तहखाना'

अस्पताल के “अवैध” तहखाने के बारे में खान ने कहा कि कार-पार्किंग के लिए बने तहखाने में दूसरे विभाग काम कर रहे थे.

उन्होंने कहा, “तहखाना पूरी तरह अवैध है. कार पार्किंग को उन्होंने कर्करोग विज्ञान विभाग और स्टोर में परिवर्तित कर दिया था और दूसरी सुविधाओं को वहाँ इस्तेमाल कर रहे थे.”

जावेद खान ने बताया कि अस्पताल पूरी तरह से वातानुकूलित था और ज़्यादातर लोग दम घुटने की वजह से मारे गए हैं.

उन्होंने कहा, “आग तहखाने में लगी थी. उसका धुँआ एअरकंडीशनर की चिमनी की वजह से अस्पताल के पहले, दूसरे और तीसरे तल तक पहुँच गया. मरीज़ वैसे ही दुर्बल थे. ऐसी हालात में जब धुँआ उनके तल पर पहुँचा, तो वो घुटन से मारे गए.”

ये पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब नहीं निकाला जाए कि दुर्घटना के लिए नगर निगम और उसके अफ़सर भी एक हद तक ज़िम्मेदार हैं?

खाने कहते हैं कि नगर निगम के पास लोगों की कमी है, लेकिन अस्पताल के लोग तो पढ़े-लिखे लोग हैं और उन्हें ऐसे नहीं करना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.

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