मनमोहन सिंह रूस की अहम यात्रा पर

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गुरुवार से रूस की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं. वे 16 दिसंबर को होने वाले भारत-रूस सालाना सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उनके साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है.

हालांकि इस बात के आसार कम बताए जा रहे हैं कि कुडनकुलम में रूसी डिज़ाइन के दो रिएक्टरों के निर्माण संबंधी अनुबंध पर हस्ताक्षर होंगे. इस मुद्दे पर बातचीत अभी जारी है.

यात्रा से पहले मनमोहन सिंह ने कहा है कि आज के परिप्रेक्ष्य में वैश्विक मुद्दों पर भारत-रूस बातचीत पहले से भी ज़्यादा ज़रूरी हो गई है.

मनमोहन सिंह रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन और राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव से मिलेंगे. इस दौरान रक्षा, परमाणु ऊर्जा, विश्व अर्थव्यवस्था, अफ़गा़निस्तान और विश्व शांति समेत कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.बाद में एक संयुक्त घोषणा पत्र भी होगा.

परमाणु मुद्दा

प्रधानमंत्री की रूस यात्रा को देखते हुए कुडनकुलम में परमाणु रिएक्टरों का मामला फिर चर्चा में है.

बुधवार को विदेश सचिव रंजन मथाई ने पत्रकारों से बातचीत की थी. उन्होंने कहा था कि कुडनकुलम में दो परमाणु रिएक्टरों पर रूस से अनुबंध फ़िलहाल न होने का कारण स्थानीय लोगों का विरोध नहीं है.

परमाणु हादसे की सूरत में परमाणु दायित्व के मुद्दे पर भी रूस से मतभेद हैं. विदेश सचिव ने कहा है कि भारत इस पर बात करने के लिए तैयार है.

विदेश सचिव रंजन मथई ने ये भी कहा है कि रूस में जारी विरोध प्रदर्शनों और ड्यूमा के चुनावी नतीजों का द्विपक्षीय बातचीत पर असर नहीं होगा.

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