एसएमएस के ज़रिए तलाक़ 'वैध'

  • 16 दिसंबर 2011
तलाक़
Image caption तीन महीने पहले ही शादी हुई थी

उत्तर प्रदेश के मुरादनगर ज़िले की एक मस्जिद के इमाम ने कहा है कि मोबाइल में एसएमएस के ज़रिए तीन बार 'तलाक़' लिखकर भेजना भी पति-पत्नी के बीच संबंध तोड़ने के लिए पर्याप्त है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ शाहिद नाम के एक युवक की पत्नी परवीन को बुधवार को एक एसएमएस मिला था जिसमें तीन बार तलाक़ टाइप किया हुआ था.

परवीन के चाचा साजिद का कहना है कि इमाम ने कहा है कि अब परवीन और शाहिद एक साथ नहीं रह सकते क्योंकि उनका तलाक़ हो गया है और अब शादी मान्य नहीं रह गई है.

परवीन और शाहिद का विवाह तीन माह पूर्व ही हुआ था लेकिन किसी बात पर अनबन होने पर परवीन अपने माता-पिता के घर आ गई थी.

शाहिद का कहना है कि उसने परवीन को मनाने और घर वापस लाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सका और आख़िर में थककर उसमें एसएमएस के ज़रिए तलाक़ ले लिया.

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