27 से तीन दिन का अनशन करेंगे अन्ना

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Image caption अन्ना हज़ारे ने पहले इसी सत्र में लोकपाल विधेयक पारित करने की शर्त रखी थी

मंत्रिमंडल की मंज़ूरी से पहले ही प्रस्तावित लोकपाल विधेयक के मसौदे पर निराशा व्यक्त करते हुए अन्ना हज़ारे ने मंगलवार को कहा कि वह 27 दिसंबर से तीन दिन के अनशन पर जाएंगे और इसके तुरंत बाद जेल भरो आंदोलन होगा.

रालेगण सिद्धि में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अन्ना ने कहा, ''मैं 27, 28 और 29 दिसंबर को अनशन करूँगा और इसके बाद 30 दिसंबर से तीन दिन का जेल भरो आंदोलन होगा. उसके बाद मैं पाँच राज्यों (जहाँ विधानसभा चुनाव होने वाले हैं) में जाऊंगा और (कांग्रेस) सरकार के ख़िलाफ़ प्रचार करूंगा.''

सरकार के पुख्ता लोकपाल बिल लाने के इरादों पर संदेह प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार 'जनता की आवाज़' को नज़रअंदाज़ कर रही है.

उन्होंने कहा, ''हर तरफ फैले भ्रष्टाचार की वजह से आम आदमी की ज़िंदगी दयनीय हो गई है. लेकिन सरकार अंधी हो चुकी है. वह लोगों के दुखों को न सुन सकती है और न देख सकती है.''

'आखिरी साँस तक लड़ूँगा'

अन्ना हज़ारे ने कहा, ''सरकार अपने रास्ते पर जाए, हम अपने रास्ते पर जाएंगे. मैंने ज़िंदगी की आखिरी साँस तक लड़ने का फैसला किया है.''

यह पूछे जाने पर कि क्या वह लोकपाल विधेयक के प्रस्ताव में प्रावधानों से सहमत हैं उन्होंने कहा, ''हम कहते हैं कि कोई भी प्रस्ताव लाओ पर भ्रष्टाचार को खत्म करो.''

अन्ना हज़ारे प्रस्ताव में शिकायत दूर करने की प्रक्रिया के केंद्रीयकरण के भी ख़िलाफ़ थे.

उन्होंने कहा, ''राशन कार्ड बनवाने के लिए आपको दिल्ली जाना पडे़गा.''

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने अच्छा विधेयक बनाया है.

टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''हमने अपने जन लोकपाल बिल में शिकायत दूर करने के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रावधान किया था.''

इसके अलावा भी टीम अन्ना केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे कई प्रावधानों से सहमत नहीं है.

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