पाँच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा

एसवाई क़ुरैशी, मुख्य चुनाव आयुक्त इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption सबकी निगाहें सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश पर टिकी होंगी.

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी ने शनिवार को पाँच राज्यों उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनावों की तारीख़ों की घोषणा कर दी .

उनके अनुसार चुनावों की तारीख़ों की घोषणा होते ही इन राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है.

दिल्ली में एक पत्रकार सम्मेलन में क़ुरैशी ने कहा, ''पंजाब और उत्तराखंड में 30 जनवरी को वोट डाले जाएंगे, मणिपुर में 28 जनवरी, उत्तप्रदेश में चार फ़रवरी से 28 फरवरी तक सात चरणों में और गोवा में तीन मार्च को मतदान होगा.''

सबसे ज़्यादा आबादी वाले राज्य उत्तरप्रदेश में 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों फ़रवरी महीने की चार, आठ, 11 , 15 ,19 , 23 और आख़िरी चरण में 28 फ़रवरी को मतदान होगा.

पंजाब की 117 सीटों, उत्तराखंड की 70, मणिपुर की 60 और गोवा की 40 सीटों के लिए एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे.

वोटों की गिनती चार मार्च को होगी.

क़ुरैशी का कहना था कि चुनावों की तारीख़ों के लिए मौसम, बच्चों की परीक्षाएं, राज्यों में क़ानून-व्यवस्था, अर्धसैनिक बलों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए फ़ैसला लिया गया है.

उनका कहना था कि इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जिन राज्यों में चुनाव हो रहें है उनके राज्यपालों को अधिसूचना जारी करने की सिफ़ारिश कर दी गई है.

पाँचों राज्यों में मतदान के लिए ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा.

क़ुरैशी ने जानकारी दी कि गोवा में 100 फ़ीसदी लोगों के पास फ़ोटो पहचान पत्र है, पंजाब में 99.5 फ़ीसदी, मणिपुर 97.29, उत्तराखंड 99.6 फ़ीसदी और उत्तरप्रदेश में 98 फ़ीसदी के पास है.

चुनावी ख़र्च

उनका कहना था कि इन पाँच राज्यों में ज़मीनी स्थिति का जायज़ा लेते हुए केंद्रीय और राज्यों के सुरक्षाबलों को तैनात किया जाएगा.हालांकि उन्होंने इनकी संख्या के बारे में तो नहीं बताया लेकिन इतना कहा कि वे पर्याप्त मात्रा में होंगे.

क़ुरैशी का कहना था कि चुनावों पर नज़र रखने वाले पर्यवेक्षकों के अलावा ख़र्चे पर निगरानी रखने के लिए पर्यवेक्षक होंगे.

उनका कहना था,''चुनावों में पैसे का इस्तेमाल एक गंभीर विषय है.इस पर नियंत्रण लगाने के लिए हवाई अड्डों, बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन पर निगरानी रखी जा रही है.अगर वहाँ पैसे का लेन-देन होता है तो उस पर गुप्त नज़र रखी जा रही है और ये पूरा काम आयकर विभाग कर रहा है.अगर कोई पकड़ा जाता है तो उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. ''

क़रैशी ने ये भी जानकारी दी कि उम्मीदवारों को एक नया बैंक खाता खोलना होगा जिससे निकाले गए पैसे का इस्तेमाल वे चुनावों के दौरान प्रचार पर करेंगे.

उनका कहना था कि चुनाव आयोग ही मतदाताओं की फ़ोटो लगी हुई सूची जारी करेगा और अगर कोई भी व्यक्ति चुनाव संबंधित कोई शिकायत दर्ज कराना चाहता है तो एक कॉल सेंटर बनाया गया है जो चौबीसों घंटे काम करेगा और यहाँ एक टोल फ़्री नंबर 1950 होगा.

बहरहाल अब पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा हो गई है.अन्ना कह रहें है कि वे इन राज्यों का दौरा करेंगे और लोगों को कमज़ोर लोकपाल के बारे में जानकारी देंगे.वहीं इन चार राज्यों के अलावा सबकी पैनी नज़र रहेगी सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश में जहाँ माना जा रहा है कि मुख्य मुक़ाबला बसपा और सपा में है लेकिन इस बीच दो बड़ी पार्टियाँ वहाँ अपनी खोई हुई राजनीतिक ज़मीन तलाशने की कोशिश कर रही है.

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