भ्रष्टाचार-विरोधी मोर्चा पहुँच रहा है मुंबई

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Image caption टीम अन्ना का कहना है कि अन्ना हज़ारे को थोड़ा बुखार है, लेकिन वे कल अनशन पर बैठेंगें.

सशक्त लोकपाल की मांग को लेकर तीन दिवसीय अनशन से एक दिन पहले सोमवार को अन्ना हज़ारे मुंबई पहुंच रहे हैं, जहां अनशन की तैयारियां ज़ोरों-शोरों से चल रही है.

अनशन की तैयारियां और राजनीतिक बयानबाज़ी को देखते हुए लग रहा है कि लोकपाल के मुद्दे पर एक बार फिर सरकार और टीम अन्ना दो-दो हाथ के लिए तैयार हैं.

अन्ना के सहयोगियों ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि अन्ना को थोड़ा बुख़ार है, लेकिन मंगलवार को शुरू होने वाले अनशन की योजना में कोई बदलाव नहीं है.

इस बीच सोमवार दोपहर दिल्ली में टीम अन्ना की कोर कमिटी की एक बैठक होगी, जहाँ मुख्य सदस्य कुछ स्वयंसेवियों से मिलेंगे और अनशन के बारे में विस्तार से मीडिया को संबोधित करेंगे.

लोकपाल के मसौदे पर मंगलवार को संसद में होने वाली बहस से पहले वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने दोहराया है कि विधेयक बनाना संसद का कार्यभार है.

उन्होंने कहा, “हमने टीम अन्ना और उनकी टीम के साथ कई बार लोकपाल के मसौदे पर चर्चा की. मेरे ख़्याल से मैंने नौ बार संयुक्त प्रारूप समिति में उनके साथ बातचीत की. उसके बाद कुछ वार्ताकारों के माध्यम से कई बार टीम अन्ना से बातचीत की गई. हम समझते हैं कि लोकपाल पर कई दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं, लेकिन अंत में संसद को ही फ़ैसला करना है कि इस विधेयक का आख़िरी प्रारूप क्या होगा. अब देखना ये है कि संसद के सदस्य लोकपाल विधेयक के मसौदे पर किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं.”

‘आरएसएस से संबंध’

इससे पहले टीम अन्ना और कांग्रेस के बीच तनाव तब बढ़ गया था, जब पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर अन्ना हज़ारे पर आरोप लगाया कि उनके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानि आरएसएस से संबंध हैं.

उन्होंने अपने आरोप को बल देने के लिए एक तस्वीर जारी की जिसमें अन्ना हज़ारे आरएसएस के प्रमुख नेता नानाजी देशमुख के साथ देखे जा सकते हैं.

इस आरोप पर ट्विट्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने कहा, “क्या किसी के साथ एक ही स्टेज पर बैठ जाने से कोई किसी का एजेंट हो जाता है?”

दिग्विजय सिंह के आरोप का खंडन करते हुए टीम अन्ना ने कुछ तस्वीरें जारी की, जिसमें दिग्विजय सिंह के अलावा कई और नेताओं को भी नानाजी देशमुख के साथ एक ही स्टेज पर देखा जा सकता है.

बदलते तेवर

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Image caption एस वाई क़ुरैशी का कहना है कि निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के आड़े आने वाली हर हरकत अस्वीकार्य होगी.

टीम अन्ना और सरकार के बीच चल रही बयानबाज़ी के बीच एक ठहराव तब आया जब रविवार को टीम अन्ना ने प्रधानमंत्री और सांसदों को संबोधित एक पत्र में कहा कि वे मौजूदा लोकपाल बिल के मसौदे से सहमत नहीं है और वे संसद में बहस के बाद एक बेहतर क़ानून की उम्मीद रखते हैं.

अपने पत्र में लोकपाल पर एक ‘अहम बहस को प्रोत्साहित करने के लिए’ टीम अन्ना ने सांसदों का शुक्रिया अदा किया.

हालांकि साथ ही इस पत्र में ये भी कहा गया कि मौजूदा लोकपाल विधेयक के मसौदे से टीम अन्ना ख़ुश नहीं है.

पत्र में टीम अन्ना ने उम्मीद जताई कि संसद में होने वाली बहस के दौरान सांसद उन प्रावधानों को उठाएंगे जिनके बिना लोकपाल विधेयक केवल एक निरस्त विधेयक बन कर रह जाएगा.

पत्र में टीम अन्ना ने कहा है कि लोकपाल और लोकायुक्त को किसी की शिकायत के बग़ैर ही स्वत: संज्ञान के आधार पर किसी भी मामले की जाँच का अधिकार होना चाहिए.

इसके अलावा उनकी मांग है कि लोकपाल की नियुक्ति चुने हुए पैनल द्वारा आम सहमति से होनी चाहिए और लोकपाल या लोकायुक्त के दायरे में 'सी' और 'डी' श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों को भी लाया जाना चाहिए.

नैतिकता पर सवाल

इस बीच भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान टीम अन्ना की विभिन्न राज्यों में कांग्रेस के ख़िलाफ़ प्रचार करने की योजना चुनावी नैतिकता और शिष्टता के सवाल उठाती है.

उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के आड़े आने वाली हर हरकत अस्वीकार्य होगी.

हालांकि उन्होंने कहा कि चुनावी क़ानूनों की दृष्टि से देखा जाए, तो टीम अन्ना की उस मुहिम में कुछ ग़लत नहीं है जिसके तहत वे लोगों को किसी भी पार्टी को वोट न देने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.

उनका कहना था, “लोकतंत्र में हर किसी को ये अधिकार है कि वो अपनी मर्ज़ी से किसी भी पार्टी को स्वीकृति दे सकता है या किसी का भी बहिष्कार कर सकता है. लेकिन चुनावी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. किसी भी तरह का नफ़रत उकसाने वाला बयान इस मुहिम के दौरान नहीं दिया जाना चाहिए.”

एस वाई क़ुरैशी ने कहा कि ऐसी आम धारणा बनती जा रही है कि टीम अन्ना का ये आंदोलन राजनीति के गलियारों में घुस रहा है.

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