'फ़ेसबुक' के विरूद्ध एफ़आईआर दर्ज

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Image caption एफ़आईआर में 'फेसबुक' और लेखक पर गीता विरोधी कमेंट प्रकाशित करने का आरोप है.

लखनऊ के एक पुलिस थाने में एक समाजसेविका की शिकायत पर फे़सबुक और एक जालंधर निवासी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने अपनी शिकायत में कहा है कि जालंधर के एक निवासी लगातार 'फ़ेसबुक और इंटरनेट' पर भागवत गीता के विरुद्ध टिप्पणी प्रकाशित कर रहे हैं और लोगों को गीता को जलाने के लिए उकसा रहे हैं.

नूतन ठाकुर ने पुलिस से शिकायत में कहा है कि फ़ेसबुक का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति ''ऐसी बातें लिख रहे हैं जो सीधे-सीधे उद्वेग और आक्रोश फैलाने वाली हैं. वे लगातार यह कह रहे हैं कि हिंदुओं के धार्मिक ग्रन्थ भागवत गीता को सार्वजनिक रूप से पूरे देश में जलाया जाए.''

पुलिस ने ये मामला भारतीय दंड संहिता की धाराओं - जिसमें विभिन्न समूहों में धर्म, मूलवंश, जाति, जन्म स्थान, समुदाय या किसी भी अन्य कारण से नफ़रत और शत्रुता पैदा करने की कोशिश शामिल हैं, और आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया है.

महिलाओं पर टिप्पणी

नूतन ठाकुर ने आरोप लगाया है कि लेखक ने अपने कमेंट में कहा है, "गीता के अध्याय नौ में सभी महिलाओं को 'पाप योनि' से उत्पन्न बताया गया है जबकि भारत का संविधान महिलाओं और पुरुषों को सामान अधिकार देता है, अतः भागवत गीता को जलाया जाए. इसके अलावा वे भगवान श्रीकृष्ण और भगवान ब्रह्मा के लिए खुले अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं.''

शिकायतकर्ता ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने धार्मिक उन्माद फैलाने वाले संगठन के ख़िलाफ़ मेरठ में मुक़दमा दर्ज कराया था लेकिन अब तक उस मामले में भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है.

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