राजस्थान में 400 डॉक्टर गिरफ़्तार, 12 बर्ख़ास्त

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Image caption आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए सरकार निजी अस्पतालों और सेवानिवृत हो चुके डॉक्टरों को काम पर लगा रही है. (फ़ाईल फ़ोटो)

राजस्थान में हड़ताल पर गए डॉक्टरों के ख़िलाफ़ कड़ा क़दम उठाते हुए राज्य सरकार ने क़रीब चार सौ डॉक्टरों को एस्मा के अंतर्गत गिरफ़्तार किया है जबकि 12 डॉक्टरों को बर्ख़ास्त भी किया गया है.

सोमवार को हड़ताल के छठवें दिन राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ऐमादुद्दीन अहमद ख़ान ने बीबीसी को बताया कि सरकार स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रही है.

ख़ान के मुताबिक़ सरकार हड़ताल पर गए डॉक्टरों की जगह भरने के लिए नई भर्तियाँ कर रही है, क़रीब एक हज़ार अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जा चुका है जिन्हें जल्द ही काम पर रख लिया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को पांच हज़ार डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद राजस्थान के कई शहरों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं.

कुछ बर्ख़ास्त, कई गिरफ़्तार

स्थानीय पत्रकार त्रिभुवन शर्मा के अनुसार डॉक्टरों की हड़ताल शुरू होने के बाद से अब तक पचास मरीज़ों की मौत हो चुकी है.

राज्य में अत्यावश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाए जाने के बाद राजस्थान में क़रीब चार सौ हड़ताली डॉक्टरों को गिरफ़्तार किया गया है.

बर्ख़ास्त किए गए डॉक्टरों में दस प्रमुख चिकित्सा अधिकारी और दो मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हैं.

हड़ताल के बाद बनी आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए सरकार निजी अस्पतालों और सेवानिवृत्त हो चुके डॉक्टरों को काम पर लगाने के लिए बातचीत कर रही है.

'पदोन्नति के लिए हड़ताल'

राज्य स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ''हमने जिन डॉक्टरों का पहले साक्षात्कार किया था उनमें से क़रीब सात सौ डॉक्टरों को काम पर रखने का फ़ैसला लिया है. ताज़ा साक्षात्कार करके नई भर्तियाँ भी की जा रही हैं. इसके अलावा कुछ निजी अस्पतालों ने भी मरीज़ों को मुफ़्त सेवा देने का ऐलान किया है.''

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ऐमादुद्दीन अहमद ख़ान के मुताबिक़ हड़ताल पर गए डॉक्टरों की मांग है कि सेवानिवृत्त होने वाले डॉक्टरों को रुकी हुई दो या तीन बार की पदोन्नति दी जाएं.

ऐमादुद्दीन अहमद ख़ान ने कहा, ''सरकार और डॉक्टरों के बीच पिछले छह महीने से बातचीत चल रही थी जिस दौरान हमने कई मुद्दों को सुलझाया लेकिन रिटायर होने वाले डॉक्टरो के पदोन्नति के मामले पर सहमति नहीं बन पाई.''

सरकार का कहना है कि अगर रूकी हुई पदोन्नतियाँ डॉक्टरों को दी गईं तो इस तरह की मांगें दूसरे सरकारी विभाग भी कर सकते हैं.

इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डॉक्टरों से काम पर वापस लौटने की अपील की है.

गहलोत ने कहा, “हड़तालियों से सरकार सख़्ती से निबटेगी, हम नहीं चाहते हैं कि राजस्थान के आम लोगों को बार-बार तकलीफ़ हो. हर बात पर हड़ताल करना अच्छी बात नही है. मरीज़ डॉक्टरों पर भरोसा करतें है उन्हे ऐसे मरते हुए छोड़ देना अमानवीय है ”.

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