उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मियों ने ज़ोर पकड़ा

  • 26 दिसंबर 2011
उत्तर प्रदेश चुनाव बीएसपी इमेज कॉपीरइट AP

शनिवार को मुख्य चुनाव आयोग के चुनाव की तारीख़ की घोषणा के बाद से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में चुनावी गहमा-गहमी और तेज़ हो गई है.

कांग्रेस ने महासचिव राहुल गांधी की सभाओं के आयोजन को तेज़ कर दिया है तो समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठकें कर रही हैं.

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी सोमवार से प्रदेश के चुनावी दौरे पर हैं.

बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी को कांग्रेस कार्यालय की ओर से दी गई सूचना के मुताबिक़ कांग्रेस महासचिव सोमवार को सीतापुर ज़िले की तीन विधान सभा क्षेत्रों में चुनावी सभाओं में भाग लेंगे.

सीधा संपर्क

सिघौली में आयोजित सभा में हिस्सा लेने के बाद राहुल गांधी महौली और हरगांव जा रहे हैं.

मंगलवार को लखीमपुर खिरी क्षेत्र के बाद उनकी सभाएं शाहजहांपुर और पिलहीभित में भी होनी हैं.

कांग्रेस के अधिकारियों का कहना है कि पार्टी चाहती है कि वो बड़ी रैलियों की बजाए छोटी-छोटी सभाओं में हिस्सा लें ताकि कार्यकर्ताओं से उनका सीधा संपर्क हो सके.

अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिए जाने की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद राहुल गांधी का ये पहला उत्तर प्रदेश दौरा होगा.

परेशानी

राहलु गांधी की हाल की रैलियों में प्रदेश की मुख्यमंत्री मायवती निशाने पर रही हैं. जिसके जवाब में मायावती ने भी उत्तर प्रदेश के बंटवारे जैसे मामले उठाकर केंद्र की कांग्रेस गठबंधन सरकार और कांग्रेस को भी परेशानी में रखा है.

मायावती ने पिछले दो दिनों में राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें की हैं.

समझा जाता है कि इनमें चुनाव की रणनीतियों को लेकर चर्चा की गई.

इस बीच रविवार को सरकार की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि प्रदेश के चार मंत्रियों - उच्च शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी, कृषि शिक्षा मंत्री राजपाल त्यागी, पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अवधेश वर्मा और होमगार्ड मंत्री हरिओम को तत्कालीन प्रभाव से मंत्रिमंडल की सदस्यता से मुक्त कर दिया गया है.

ख़बरे थीं कि ये सभी आने वाले विधान सभा चुनाव में टिकट के लिए दूसरे राजनीतिक दलों से बातचीत कर रहे थे.

बीएसपी सुप्रीमो ने इससे पहले भी कुछ मंत्रियों को पद से हटाया था जिनके उपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे.

राहुल पर भारी

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह ने भी रविवार को ही राजधानी में पार्टी के संभावित प्रत्याशियों के साथ लंबी बैठक की जिसमें दल की चुनावी तैयारियों का जायज़ा लिया गया.

मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव पिछले दिनों प्रदेश में यात्रा पर रहे हैं जिस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ मुलाक़ातें की हैं.

अखिलेश यादव की सभाओं को, जिसे राष्ट्रीय मीडिया में बहुत अधिक जगह नहीं दी गई, कहा जा रहा है भारी समर्थन प्राप्त हुआ है.

कार्यकर्ताओं की एक बैठक के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने कहा है कि अखिलेश राहुल गांधी पर भारी पड़ेंगे.

तोहफ़ा

देश के सबसे बड़े राज्य में, जहां वो पहले सरकारों में रह चुकी है, फिर से भाग्य आज़मा रही भारतीय जनता पार्टी उम्मीदावरों की सूची को अंतिम रूप देने मे लगी है.

पूर्व प्रधानमंत्री और पार्टी के सबसे बड़े नेता अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर पार्टी कार्यालयों में जन्मदिन का जलसा रखा गया था.

पार्टी की नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वो उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार लाकर वाजपेयी को जन्मदिन का तोहफ़ा दें.

संबंधित समाचार