मायावाती ने चार और मंत्रियों को हटाया

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी सरकार के चार और मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया है, जबकि एक अन्य मंत्री ने स्वयं त्यागपत्र दे दिया है.

बहुजन समाज पार्टी ने इन संभी मंत्रियों को विधान सभा चुनाव में टिकट न देने का भी ऐलान किया है. इस तरह चुनाव घोषणा के बाद ग्यारह मंत्री पदमुक्त कर दिए गए हैं.

एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की सलाह पर वन मंत्री फ़तेह बहादुर सिंह , प्राविधिक शिक्षा राज्य मंत्री सदल प्रसाद , अप्ल संख्यक कल्याण एवं हज राज्य मंत्री अनीस अहमद खान उर्फ़ फूल बाबू तथा मुस्लिम वक्फ राज्य मंत्री शहजिल इस्लाम अंसारी को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल की सदस्यता से पदमुक्त कर दिया है.

सामान्य संसदीय प्रक्रिया के अनुसार मुख्यमंत्री पहले मंत्री को त्यागपत्र देने को कहते हैं और ऐसा न होने पर ही मंत्री को बर्खास्त किया जाता है.

लेकिन जानकार लोगों के अनुसार मायावती ने अपने मंत्रियों को ऐसा मौका नहीं दिया, ताकि वह दलबदल कर दूसरी पार्टी में न चले जाएँ.

बहुजन समाज पार्टी की ओर से एक बयान में कहा गया है आगामी विधान सभा चुनाव के लिए इन मंत्रियों के टिकट काट दिए गए हैं.

विज्ञप्ति के अनुसार इन मंत्रियों के खिलाफ़ जन समस्याओं पर ध्यान न देने और क्षेत्र की घोर उपेक्षा की भी शिकायतें थीं.

इस बीच एक अन्य राज्य मंत्री ददन प्रसाद ने अपने आप ही मंत्रिमंडल से त्यागपत्र की घोषणा कर दी है. उन्होंने चुनाव में टिकट काटने के बाद यह कदम उठाया है.

नरेश अग्रवाल सपा में वापस लौटे

उधर बहुजन समाज पार्टी के महासचिव एवं राज्य सभा सदस्य नरेश अग्रवाल बहुजन समाज पार्टी से इस्तीफा देकर फिर से समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं.

उनका कहना है कि बसपा में लोकतंत्र नही है और बसपा जनता की दुश्मन है.समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पार्टी कार्यालय में एक सभा में उन्हें दल में शामिल किया.

बहुजन समाज पार्टी ने अग्रवाल के पुत्र और हरदोई से विधायक नितिन अग्रवाल का टिकट काट दिया है. इसी से नाराज़ होकर पिता-पुत्र ने बसपा छोड़ दी.

ख़बरें है कि बसपा के कई और विधायक पार्टी छोड़कर दूसरे दलों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहें हैं.

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