'फ़ैल सकता है डॉक्टरों का आंदोलन'

डॉक्टरों का आंदोलन (फ़ाईल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट AP
Image caption राजस्थान में डॉक्टर 21 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है (फ़ाईल फ़ोटो)

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर राजस्थान सरकार और डॉक्टरों के बीच चल रहा गतिरोध जल्द ख़त्म नही हुआ तो इसका असर दूसरे राज्यों में भी देखा जा सकता है. राजस्थान में शनिवार को 11वें दिन भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी है.

आईएमए के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को डॉक्टरों की पदोन्नती और वेतन वृद्धि से संबंधित अपने वादों को पूरा करना चाहिए. उन्होंने राज्य में अत्यावश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (राजस्थान एस्मा) के तहत गिरफ़्तार किए गए डॉक्टरों को बिना किसी शर्त के छोड़ने की मांग की है.

पीटीआई के अनुसार आईएमए के संयुक्त सचिव नरेन्द्र सैनी ने कहा, ''राजस्थान में हो रहे डॉक्टरों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए अगर सरकार ने क़दम नहीं उठाए तो ये आंदोलन दूसरे राज्यों में भी फ़ैल सकता है. अगर ये आंदोलन एक देशव्यापी आंदोलन का रूप लेता है तो इसकी ज़िम्मेदार सिर्फ़ राजस्थान सरकार होगी.''

नरेन्द्र सैनी ने कहा, ''इस मामले पर दो दिन बाद होने वाली बैठक में फ़ैसला हो सकता है. सरकार का कहना है कि उसने डॉक्टरों की मांगें मान ली हैं, अगर ऐसा है तो उन्हें लागू करने में देर क्यों हो रही है.''

"काम पर लौट रहे है डॉक्टर"

सैनी के मुताबिक़ अगर सरकार चाहे तो आईएमए, सरकार और डॉक्टरों के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए मध्यस्थता कर सकती है.

इस बीच आंदोलन में शामिल होने के चलते गिरफ़्तार किए गए तीन डॉक्टरों को जयपुर स्थानांतरित किया गया है.

खबरें मिल रही है कि आंदोलन में शामिल आधे से ज़्यादा डॉक्टर काम पर वापस आ चुके है. राज्य सरकार ने दावा किया था कि शुक्रवार को 308 हड़ताली डॉक्टर काम पर लौट चुके है.

पीटीआई ने राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री इमादुद्दीन अहमद खान के हवाले से बताया, ''राज्य में आज कुल 3,941 डॉक्टरों ने मरीज़ों को देखा.''

राजस्थान में डॉक्टर 21 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है. डॉक्टरों की मांग है कि उनके वेतन बढ़ाए जाए और समय से पदोन्नती दी जाए.

संबंधित समाचार