वीडियो के बाद ऑडियो से जारवा विवाद में नया मोड़

  • 12 जनवरी 2012
जारवा
Image caption जारवा जनजाति के लोगों की संख्या काफ़ी कम रह गई है

अंडमान निकोबार द्वीप समूह प्रशासन ने जारवा जनजाति की महिलाओं को अर्धनग्न रूप में नाचते फ़िल्माने वाले व्यक्ति की तलाश तेज़ कर दी है.

लेकिन इस बीच जारवा जनजाति के लिए काम करने वाली संस्था सरवाइवल इंटरनेशनल ने ब्रितानी अख़बार ऑब्जर्वर के रिपोर्टर और एक टूर ऑपरेटर के बीच बातचीत का ऑडियो जारी किया है.

इस ऑडियो में रिपोर्टर गेथिन चेम्बरलिन और एक टूर ऑपरेटर के बीच बातचीत सुनी जा सकती है, जिसमें टूर ऑपरेटर चेम्बरलिन से ये बताता है कि जारवा जनजाति के इलाक़े में जाकर फोटो खींचने में 25-30 हज़ार रुपए लगेंगे और इसमें से 10-15 हज़ार रुपए पुलिसवालों को जाएँगे.

ये ऑडियो टेप ऐसे समय सामने आया है, जब अंडमान पुलिस ने इससे इनकार किया है कि इस मामले में कोई पुलिसकर्मी शामिल हैं.

पिछले दिनों पर्यटकों के सामने नाचती महिलाओं का वीडियो आने के बाद से कई हलकों में नाराज़गी जताई जा रही है. इस वीडियो फ़ुटेज को फ़ॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है.

अंडमान पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

निर्देश

नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, "अब हमें उस वीडियो की एक कॉपी मिल गई है. हो सकता है कि और भी वी़डियो फ़िल्माए गए हों. लेकिन ये वीडियो तीन-चार साल पुराना लगता है."

उन्होंने कहा कि अंडमान प्रशासन को इसके निर्देश दे दिए गए हैं कि उस वीडियोग्राफ़र और टूर ऑपरेटर को तुरंत पकड़ा जाए और उनसे पूछताछ की जाए.

पी चिदंबरम ने कहा, "अंडमान निकोबार द्वीप समूह में जो नीति अपनाई गई है, वो अपनी जगह क़ायम है. मेरा मानना है कि इन नीतियों का उल्लंघन हुआ है."

अंडमान और निकोबार पुलिस ने पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया है, जो केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उस कंप्यूटर का भी पता लगाने की कोशिश करेगी, जहाँ से ये वीडियो पोस्ट किया गया है.

ये मुद्दा उस समय सामने आया, जब ब्रितानी अख़बार ऑब्जर्वर के एक रिपोर्टर ने इस घटना का ज़िक्र किया और वीडियो भी अपलोड कर दिया.

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