'मुलायम या मायावती से कोई प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तालमेल नहीं'

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Image caption बीजेपी ने उर्दू और अंग्रेज़ी के विकास का वादा किया है.

भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि अगर उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उसे बहुमत नही मिला तो वह किसी गठबंधन सरकार में शामिल होने के बजाय विपक्ष में बैठेगी.

साथ ही बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के संतुलित विकास के लिए सोमवार को लखनऊ में अपना दृष्टिपत्र भी जारी किया.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने 'विज़न डाकुमेंट' यानि दृष्टिपत्र जारी करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश की जनता उत्तर प्रदेश का भविष्य बदलने के लिए बीजेपी को पूरी ताकत के साथ पूर्ण बहुमत देगी, यह मेरा विश्वास है."

लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, "अगर जनता ने बहुमत दे दिया तो सत्ता में आएंगे और उत्तर प्रदेश का चरित्र बदलेंगे. अगर हमें बहुमत नहीं मिला तो हम विपक्ष में बैठकर ईमानदारी से विपक्ष का काम करेंगे, पर मुलायम जी के साथ या मायावती के साथ कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तालमेल नही करेंगे."

बीजेपी को यह सफ़ाई इसलिए देनी पड़ी क्योंकि कई सर्वेक्षणों में उत्तर प्रदेश में त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी के साथ साथ संभावना व्यक्त की जा रही है कि बीएसपी एक बार फिर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना सकती है.

गठबंधन से नुकसान

जब जब बीजेपी ने गठबंधन सरकार बनाई है उसका नुकसान ही हुआ है और उसके समर्थक रूठकर चले गए हैं.

गडकरी ने अपनी बात पर बल देते हुए कहा कि हम केवल गठजोड़ करके सरकार नही बनाना चाहते बल्कि ग़रीबी और भुखमरी से मुक्त उत्तर प्रदेश बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी उत्तर प्रदेश को भय, भूख और भ्रष्टाचार से मुक्त करके उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाना चाहती है.

अपनी बात को समेटते हुए गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने ''पहले मुलायम का गुंडाराज देखा फिर मायावती का भ्रष्ट राज. अब बीजेपी राम-राज का आदर्श लेकर आएगी.''

बीजेपी के इस दृष्टिपत्र को एक रंगीन पुस्तक की शक्ल में मोटे चमकीले कागज़ पर छापा गया है जिसके मुखपत्र पर पार्टी के वयोवृद्ध और लगातार बीमार चल रहे नेता अटल बिहारी वाजपेयी का चित्र मौजूद है.

बीजेपी ने इसमें विकास का ख़ाका खींचा है जिसे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में एक टीम ने तैयार किया है.

उर्दू-अंग्रेजी का विकास

बीजेपी हमेशा से हिन्दी और संस्कृत भाषा की पक्षधर रही है. लेकिन इस दृष्टिपत्र में बीजेपी ने लीक से हटकर उर्दू के विकास का वादा किया है जो उत्तर प्रदेश की दूसरी सरकारी भाषा है.

बीजेपी ने कहा है कि उर्दू भाषा के उत्थान और सशक्तीकरण के लिए उर्दू माध्यम से दी जाने वाली डिग्रियों अदीब, माहिर, कामिल और मोअल्लिम को सरकारी नौकरियों में मान्यता दी जाएगी.

इसी तरह बीजेपी ने कहा है कि "ग्लोबल भाषा" अंग्रेज़ी के विकास के लिए प्राइमरी से अंग्रेजी शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु क़दम उठाए जाएंगे.

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