सेनाध्यक्ष की आयु पर दायर जनहित याचिका ख़ारिज

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Image caption जनरल कहते रहे हैं कि उनके लिए ये मामला सम्मान का है ना कि एक साल अधिक नौकरी कर पाने का.

थल सेनाध्यक्ष वीके सिंह की सही उम्र के बारे में ग्रेनेडियर्स एसोसिएशन की रोहतक शाखा द्वारा दायर जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूर नहीं किया है.

इसबीच रक्षामंत्री एके एंटनी ने शुक्रवार को दिल्ली में कहा कि जनरल सिंह की आयु के बारे में विवाद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.

सुप्रीम में दायर जनहित याचिका में अदालत से सरकार को जनरल वीके सिंह की आयु 10 मई 1951 मानने के लिए निर्देश देने की प्रार्थना की गई थी. याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधिशों की राय किए जाने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नाराज़गी जताई है.

आधिकारिक रिकार्ड के अनुसार जनरल वीके सिंह की जन्म तिथि 10 मई 1950 है जबकि सिंह का कहना है कि दसवीं के सर्टिफिकेट के अनुसार उनकी जन्म तिथि 10 मई 1951 है.

अगर तिथि 1950 हुई तो वो इसी वर्ष मार्च में रिटायर होंगे जबकि अगर तिथि 1951 हुई तो वो अगले वर्ष मार्च में रिटायर होंगे. जनरल वीके सिंह कहते रहे हैं कि उनके लिए ये मामला सम्मान का है ना कि एक साल अधिक नौकरी कर पाने का.

अदालत ने कहा है कि किसी की आयु के बारे में जनहित जैसी कोई बात नहीं हो सकती. अपनी आयु को लेकर चल रहे विवाद पर थल सेनाध्यक्ष भी सुप्रीम कोर्ट में अर्जी कर चुके हैं.

'सार्वजनिक मंच पर नहीं सुलझेगा मामला'

उधर दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा, “मैं इस मामले पर आम विवाद के हमेशा ख़िलाफ़ रहा हूं. लेकिन दुर्भाग्य से आपमें से कुछ लोग इसे सेलेब्रेट कर रहे हैं. मैं सारे विवाद के बारे में बहुत दुखी महसूस करता हूं. इसलिए ग़लतफ़हमियां फैलने के बावजूद में चुप रहा हूं. ”

उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दे सार्वजनिक मंच या आम बहस से नहीं सुलझाए जा सकते. एंटनी ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले बहुत ही धैर्य से काम ले रही है.

रक्षा मंत्री ने कहा, “सरकार के फ़ैसले को चुनौती देने के संवैधानिक संस्थाएं हैं. अब इस फ़ैसले को चुनौती दे दी गई है और अब मामला देश की सर्वोच्च अदालत में है. हम सभी को अब सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए.”

उन्होंने मीडिया से कहा कि वो अनावश्यक विवाद से बचें.

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