माओवादी हमले में 13 पुलिसकर्मियों की मौत

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Image caption पुलिस को शक है कि हमला माओवादी विद्रोहियों ने किया है

झारखंड के गढ़वा ज़िले में एक बारूदी सुरंग के विस्फ़ोट में इलाके के थाना प्रभारी राजबलि चौधरी सहित 13 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है.

ये घटना राजधानी रांची से लगभग 200 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित भंडरिया के जंगलों के इलाक़े में शनिवार दोपहर को हुई. विस्फ़ोट उस वक्त हुआ जब ज़िला परिषद की अध्यक्ष सुषमा मेहता का काफ़िला इलाक़े से गुज़र रहा था.

इलाके में एक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और पुलिस ने इस दौरान एक ग्रामवासी को गिरफ़्तार कर लिया था. इस शख्स की गिरफ़्तारी के विरोध में स्थानीय निवासियों ने रास्ता जाम किया तो मामले को सुलझाने के लिए इलाके के बीडीओ सहित ज़िला परिषद की अध्यक्ष गढ़वा जा रही थीं.

क्यों नक्सली हिंसा का गढ़ बन गया है गढ़वा

पुलिस महानिदेशक राज कुमार मलिक के मुताबिक इस घटनाक्रम को देखते हुए माओवादियों ने बारुदी सुरंग बिछाकर काफ़िले पर हमला किया. ज़िला परिषद अध्यक्ष की गाड़ी गुज़रने के बाद बारुदी सुरंग निरोधक गाड़ी जब मौके से गुज़री तो धमाके की चपेट में आ गई. इस गाड़ी में 15 पुलिसवाले सवार थे.

जवानों को जलती गाड़ी में फेंका

माओवादियों ने इस पूरे हमले को बेहद विभत्स तरीके से अंजाम दिया. धमाके के बाद जीवित बचे सुरक्षाकर्मियों पर घात लगाकर बैठे माओवादियों ने गोलियां चलाईं. इस बीच घायल जवान जब गाड़ी से बाहर निकले तो माओवादियों ने उन्हें जलती गाड़ी में वापस फेंक दिया.

घायलों में से दो जवान डेनियल कुजुर और सुनील कुमार जो गढ़वा के निवासी हैं माओवादियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों के हथियार लेकर माओवादी घटनास्थल से फ़रार हो गए.

खबरों के मुताबिक ज़िला परिषद की अध्यक्ष और उनके अंगरक्षक घटनास्थल से आगे मौजूद पुलिस-पिकेट पर मौजूद हैं, हालांकि पुलिस अधिकारियों के हवाले से इन खबरों की पुष्टि नहीं हो पाई है.

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