शेहन को दक्षिण एशियाई साहित्य का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

Image caption शेहन करुणतिलका को पहली ही रचना को पुरस्कार के लिए चुना गया.

जयपुर साहित्य महोत्सव के दौरान दक्षिण एशियाई साहित्य का 2012 का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार सिंगापुर में रहनेवाले श्रीलंकाई लेखक शेहन करुणतिलका को उनकी किताब ‘चाइनामैन’ के लिए दिया गया है.

ये शेहन की अंग्रेज़ी में लिखी पहली किताब है और पुरस्कार के रूप में उन्हें 50,000 अमरीकी डॉलर की राशि प्रदान की गई.

समारोह की मुख्य अतिथि भूटान की राजमाता आशि दोरजी वांगमो वांगचुक ने शेहन करुणतिलका को पुरस्कार से सम्मानित किया.

चाइनामैन नामक उपन्यास में क्रिकेट को एक मेटाफ़र की तरह इस्तेमाल किया गया है जिसके ज़रिए खोई हुई ज़िदगी और खोए हुए इतिहास की तलाश की गई है. इस उपन्यास में खेल के ज़रिए श्रीलंका को नए और रोचक अंदाज़ में देखने की कोशिश की गई है.

दौड़ में शामिल लेखक

Image caption भूटान की राजमाता ने शेहन को पुरस्कार प्रदान किया

पुरस्कार की दौड़ में दक्षिण एशिया क्षेत्र के छह लेखकों की रचनाएं शामिल थीं. इनमें चाइनामैन के अतिरिक्त यू आर अनंतमूर्ति की अनुवादित किताब ‘भारतीपुत्र’, चंद्रकांता की किताब ‘ए स्ट्रीट इन श्रीनगर’, उषा के आर की किताब ‘मंकी-मैन’, तबिश ख़ैर की किताब ‘द थिंग अबाउट ठग्स’ और कावेरी नंबिसन की किताब ‘द स्टोरी दैट मस्ट नॉट बी टोल्ड’ शामिल थी.

निर्णायक मंडल

पुरस्कार के विजेता के चुनाव के लिए जो निर्णायक मंडल था उसकी अध्यक्षता इरा पांडे ने की थी जबकि अन्य सदस्य थे डॉ. अलेस्टेयर निवेन, डॉ. फ़करुल आलम, फ़ैज़ा एस ख़ान और मैरी ब्रेनर.

पुरस्कार के लिए चुनी गई रचनाओं की घोषणा अक्टूबर 2011 में ही ब्रिटेन में हुए डीएससी दक्षिण एशियाई साहित्य महोत्सव में कर दी गई थी.

पुरस्कार

दक्षिण एशियाई साहित्य के लिए इस पुरस्कार की शुरुआत जनवरी 2010 में की गई थी.

पुरस्कार का मक़सद दक्षिण एशियाई क्षेत्र की रचनाओं, वहां के लोगों और संस्कृति को एक नई पहचान दिलाना है.

साल 2011 में ये पुरस्कार एच एम नक़वी को उनकी पहले उपन्यास ‘होमब्वॉय’ के लिए दिया गया था.

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