मेरे सवालों का जवाब दोःटीम अन्ना

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption टीम अन्ना ने बड़े नेताओं को चिट्ठियां लिखकर कई सवालों के जवाब मांगे हैं.

पांच राज्यों में चुनाव से पहले टीम अन्ना ने प्रधानमंत्री मनमोहन समेत दूसरी पार्टियों के बड़े नेताओं को अलग-अलग चिट्ठियां लिखी और भ्रष्टाचार और मज़बूत लोकपाल पर कई सवालों के जवाब मांगे हैं.

टीम अन्ना ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव को चिट्ठी लिखी है.

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि उनकी सरकार ने लोकपाल विधेयक में जनता की मांगों को अहमियत नहीं दी और देश, जनता और संसद के साथ धोखा किया है.

राहुल को भेजे पत्र में टीम अन्ना ने कहा कि सरकार ने संसद की नहीं सुनी लेकिन लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की आपकी बात सुन ली. ऐसा लगता है कि सरकार केवल आपकी बात सुनती है.

राहुल गांधी से सवाल

- क्या सीबीआई को सरकार के चंगुल में रहना चाहिए? सरकार सीबीआई के ज़रिए भ्रष्ट नेताओं को बचाती है, क्या आप इसका समर्थन करते हैं?

- आपकी सरकार लोगों को परेशान करना चाहती है या फिर उनका काम कराना चाहती है? आपके सिटिजन चार्टर में अफ़सरों पर जुर्माने का प्रावधान बेहद ढुलमुल है, फिर क्यों भला कोई काम करेगा?

- आप चुनावी सभाओं में जिस लोकपाल को मज़बूत बता रहे हैं वो आखि़र मज़बूत कैसे है?

- क्या उनकी पार्टी उत्तराखंड की तर्ज पर मज़बूत लोकायुक्त विधेयक लाने की हिम्मत करेगी.

- हमारे देश में क़ानून बनाने की प्रक्रिया से क्या आप सहमत हैं, क्या क़ानून बनाने में जनता की भागीदारी नहीं होनी चाहिए?

- इन चुनावों में कांग्रेस ने किस मजबूरी के चलते दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया?

मनमोहन सिंह से सवाल

- जो बिल संसद में पेश किया गया, जिसे लोकसभा में पास कराया गया क्या आप उसे वाकई मज़बूत मानते हैं?

- सीबीआई को सरकारी शिकंजे से मुक्त करने में आप क्यों डरते हैं? क्या सीबीआई के पास कुछ ऐसी फाइलें हैं जिनके बाहर आने से सरकार डरती है?

- सीबीआई का दुरूपयोग भ्रष्ट नेताओं को बचाने के लिए करते रहना चाहते हैं?

- क्या सीबीआई का दुरुपयोग करके मुलायम और मायावती का समर्थन लेकर सरकार बनाए रखने के लिए करना चाहते हैं?

भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से सवाल

- लोकसभा में सुषमा स्वराज ने अपने भाषण में सीबीआई को स्वतंत्र करने की मांग की थी लेकिन उनके संशोधन में ये नहीं था. ऐसा क्यों?

- लोकपाल विधेयक के ज़रिए लोकायुक्त के मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख क्यों बदलता रहा है.

- भाजपा ने उत्तराखंड में पार्टी की सरकार द्वारा पारित सख्त विधेयक जैसे क़ानून के लिए बिहार में नीतीश कुमार सरकार पर क्यों नहीं ज़ोर दिया.

- पाँच राज्यों के चुनाव में आपने किस मजबूरी के चलते दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया?

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सिर्फ अन्ना के हस्ताक्षर है, मगर बाकी लोगों को भेजे गए पत्र में अन्ना, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, किरन बेदी और अरविंद केजरीवाल के हस्ताक्षर हैं.

संबंधित समाचार