अवैध ख़नन मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कृष्णा

  • 25 जनवरी 2012

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अवैध ख़नन मामले में लोकायुक्त के आदेश के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

कृष्णा मंगलवार को अवैध ख़नन मामले में अपनी भूमिका की जांच करने के कर्नाटक लोकायुक्त के आदेश और एक निजी शिकायत को रद्द करने की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे.

कृष्णा पर अभियोग है कि सन 1999 से 2004 तक उनके कर्नाटक के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान अवैध ख़नन किया गया.

इसकी शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने जांच का आदेश दिया था. शिकायत में कहा गया कि कृष्णा ने अपने कार्यकाल में संरक्षित वन क्षेत्र में ख़नन की इजाजत दी.

सामाजिक कार्यकर्ता टी. अब्राहम की शिकायत पर लोकायुक्त ने आठ दिसम्बर 2011 से अपनी कार्रवाई प्रारम्भ की थी.

कृष्णा की ओर से वकील विजय लक्ष्मी मेनन सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है उसमें कहा गया है कि संरक्षित इलाके को गै़र संरक्षित घोषित करके उसमें ख़नन की अनुमति दिए जाने का निर्णय कैबिनेट का था. कैबिनेट का फैसला एक सामूहिक फैसला होता है.ये फ़ैसला 34 मंत्रियों ने मिल कर लिया था इसलिए किसी भी एक व्यक्ति विशेष को ज़िम्मेदार नही ठहराया जा सकता.

याचिका में ये भी कहा गया है कि सरकार के नीतिगत फैसलों को अदालत में चुनौती नही दी जा सकती.

महत्वपूर्ण है कि निजी शिकायत और उनके खिलाफ जांच शुरू करने की लोकायुक्त की अनुमति रद्द करने के लिए कृष्णा ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी लेकिन उच्च न्यायालय ने अपने 20 जनवरी के आदेश में उनकी याचिका खारिज कर दी. अब कृष्णा ने उच्च न्यायालय के इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है.

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