40 करोड़ आधार कार्ड और बनेंगे

  • 27 जनवरी 2012
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Image caption इस मामले पर गृह मंत्रालय और योजना आयोग के बीच खींचतान चल रही थी.

केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में शुक्रवार को आधार कार्ड के लिए 5500 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बजट मंजूर किया गया है.

साथ ही यह भी फ़ैसला किया गया है कि अब 40 करोड और लोगों को आधार कार्ड दिए जाएंगे. पहले 20 करोड़ लोगों को यह विशिष्ट पहचान नंबर और पहचान पत्र दिए जाने थे.

पिछले कुछ समय से इस मामले पर गृह मंत्रालय और योजना आयोग के बीच खींचतान चल रही थी.

दरअसल विवाद सभी नागरिकों का बायोमेट्रिक आँकड़ा जुटाने और आँकडों की सुरक्षा को लेकर था.

बायोमेट्रिक यानी ऐसे शारीरिक या व्यावहारिक गुण जो व्यक्ति की विशिष्ट पहचान कराते हैं, जैसे उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों की तस्वीर.

गृह मंत्रालय का कहना था कि भारत के महापंजीयक या रजिस्ट्रार जनरल को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के ज़रिए ये आँकड़े जुटाने का काम पहले ही दिया जा चुका है.

मगर नंदन नीलेकणी के नेतृत्त्व में विशिष्ट पहचान नंबर वाली 'आधार' योजना को भी ये आँकड़े जुटाने के लिए अधिकृत किया गया था.

बैठक में तय हुआ कि फिलहाल दोनों एजेंसियां काम करती रहेंगी.

बैठक के बाद गृहमंत्री पी चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अगर किसी ने आधार में पहले से ही यह आँकड़े दिए होंगे तो राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को केवल उन्हें अपना कार्ड नंबर ही देना होगा.

गृह मंत्रालय इस बात से भी चिंतित था कि जो भी आँकड़े आधार योजना के तहत जुटाए जा रहे हैं वे बाहरी एजेंसी के ज़रिए जुटाए जा रहे हैं और ऐसे में उनकी विश्वसनीयता पूरी तरह सुनिश्चित नहीं की जा सकती.

सुरक्षा का मुद्दा

गृहमंत्री ने कहा, ''यूआईडीआई ने इसे गंभीरता के लिया है और सुरक्षा से जुड़ी सभी चिंताओं को दूर करने के लिए अगले कुछ सप्ताह में इसकी समीक्षा करेगा. अगर आधार और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में कोई विवाद होगा तो राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को ही सही माना जाएगा.''

चिदंबरम से सहमति जताते हुए नंदन नीलेकणी ने कहा, ''मैं गृहमंत्री को बधाई देता हूँ कि उन्होंने ऐसा सुझाव दिया है जिसमें दोनों के सबसे अच्छी चीज़ों को रखा गया है. हमने बैठक में यह आश्वासन दिया है कि अप्रैल में हम अगला चरण शुरु करने से पहले अगले छह से आठ हफ्तों में सुरक्षा से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान ढूँढ़ने का प्रयास करेंगे.''

योजना आयोग के तहत यूआईडी अथॉरिटी 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पाँच पैमानों पर नागरिकों के आंकडे जुटा रही है. जबकि गृह मंत्रालय के तहत जनगणना आयोग राष्ट्रीय आबादी रजिस्टर तैयार करने जा रहा है जिसमें 15 तरह की जानकारियां ली जा रही हैं.

पहले इन्हें घर घर जा कर लिया गया था जबकि बाकी का काम खासतौर पर लगाए शिविरों में किया जा रहा है.

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