कर्ज़े में डूबे पंजाब के करोड़पति उम्मीदवार

बादल परिवार
Image caption पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के पास 90 करोड़ की संपत्ति है

पंजाब में सरकारी कर्ज़ अगर कई हज़ार करोड़ तक पहुँच गया हो तो यहाँ के उम्मीदवारों की सपंत्ति भी करोड़ों में ही है.

पंजाब इलेक्शन वॉच संस्था ने जिन 408 उम्मीदवारों के दस्तावेज़ जाँचें हैं, उनमें से 266 करोड़पति हैं, यानी 65 फ़ीसदी प्रत्याशी करोड़पति हैं.

संस्था की सूची में सबसे ऊपर है कांग्रेस की उम्मीदवार करण कौर जिनके पास कुल 128 करोड़ की संपत्ति है.

राज्य के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल 90 करोड़ के साथ इस रेस में दूसरे नंबर हैं. जबकि कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह भी 45 करोड़ के साथ टॉप 10 में है. संस्था के मुताबिक़ अमरिंदर सिंह के बेटे रनिंदर सिंह के पास 35 करोड़ की संपत्ति है.

पीपीपी के नेता मनप्रीत सिंह बादल की 28 करोड़ की संपत्ति है.

नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर की संपत्ति 22 करोड़ बताई गई है. वे 19वें नंबर पर हैं.

अपराध की बात करें तो संस्था के मुताबिक 408 में से 61 के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले हैं. इसमें सुखबीर सिंह बादल का नाम भी शामिल है.

पंजाब में भोजपुरी तड़का

हर चुनाव प्रचार में ऐसे स्टार प्रचारकों की ज़रूरत पड़ती है जो पार्टी की बात लोगों तक पहुँचाने का माद्दा रखते हैं. आम तौर पर चुनावों में फ़िल्मी सितारों का बुलाने का चलन रहा है. भीड़ जुटाने और लोगों को आकर्षित करने में ये सितारे मददगार साबित होते हैं. पंजाब चुनाव में इस बात ये चलन थोड़ा कम ही रहा है.

पार्टियाँ अपने-अपने कद्दवार नेताओं पर ही ज़्यादा निर्भर कर रही हैं. कांग्रेस ने ज़रूर भोजपुरी फ़िल्मों की अभिनेत्री नगमा को बुलाया.

दरअसल पंजाब में बिहार और उत्तर प्रदेश से काफ़ी संख्या में लोग आकर काम करते हैं और उनका वोट भी यहीं का है. इसी वोटबैंक को लुभाने के लिए नगमा और राज बब्बर जैसे सितारों का सहारा लिया गया है.

वैसी भाजपा की ओर से ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी भी मदद कर रही हैं. पिछले लोक सभा चुनाव में भी एनडीए ने पंजाब में नितिश कुमार को प्रचार में बुलाया गया था- मकसद वही बिहार से आकर बसे लोगों के वोट हासिल करना.

सास, बहू और बेटी

Image caption अमिरंदर सिंह का परिवार भी चुनावी मैदान में कूद गया है

पंजाब की राजनीति में बादल परिवार का काफ़ी दबदबा रहा है. प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर बादल दोनों चुनाव लड़ रहे हैं वहीं सुखबीर के चचेरे भाई मनप्रीत बादल भी इस बार अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं.

इस हाई-प्रोफ़ाइल जंग में दोनों खेमों के नेता बेहद व्यस्त हैं और पंजाब भर के दौरे कर रहे हैं. इसलिए इनके प्रचार का बड़ा ज़िम्मा बादल परिवार की बहुओं ने संभाला हुआ है. सुखबीर की पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर और मनप्रीत बादल की पत्नी वीनू बादल दोनों चुनावी अभियान में जुटी हुई हैं.

फ़र्क इतना है कि पहले जेठानी-देवरानी की ये जोड़ी एक ही खेमे में थी पर अब चुनावी सियासत ने दोनों को विरोधी कैंपों में ला खड़ा कर दिया है.

उधर पटियाला राजघराने की बहू और बेटी भी शाही शानोशौक़त छोड़कर जंग के मैदान में उतर आई हैं. अमरिंदर सिंह की बेटी ने पिता के प्रचार के ज़िम्मेदारी संभाली हुई है तो बहू रिश्मा अपने सास परनीत कौर के साथ मिलकर पति रनिंदर के लिए वोट माँग रही हैं. शाही घराने की बहू को देखने की उत्सुकता में अच्छी ख़ासी भीड़ भी आ रही है.

यानी प्रचार में बहूओं का जलवा है...

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