पंजाब और उत्तराखंड में मतदान ने गति पकड़ी

मतदान
Image caption उत्तराखंड में मतदान केंद्रों के सामने जमा लोग.

पंजाब की 117 और उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों के लिए सुबह धीमी गति से शुरू हुए मतदान में अब गति आ गई है और मतदान केंद्रो के सामने लोग अच्छी संख्या में मौजूद हैं.

मतदान का काम सुबह नियत समय आठ बजे शुरू हो गया था.

देहरादून से शालिनी जोशी ने बीबीसी को बताया कि दोपहर बारह बजे तक तक़रीबन तीस प्रतिशत वोट डाले जा चुके थे और अब लोगों की क़तारे लंबी होती जा रही हैं.

सुबह उत्तराखंड के मैदानी इलाक़ो जैसे, हलद्वानी और कालाढूंगी में मतदाताओं की क़तारें तो नज़र आ रही थीं लेकिन पहाड़ी क्षेत्र नैनीताल में इक्का-दुक्का लोग ही मदतान केंद्रों पर पहुंचे थे.

समाचार एजेंसियों ने पंजाब के ग्रामीण इलाक़ों में वोटरों में ज़्यादा उत्साह की बात कही थी तो शहरी क्षेत्र में मामला कुछ ठंडा दिख रहा था.

क़तार

नैनीताल से बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद ने कहा कि कालाढूगी में सुबह से ही लोग मतदान केंद्रों के सामने जमा होने लगे थे.

कालाढूंगी से कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के क़रीबी माने जाने वाले प्रकाश जोशी मैदान में हैं लेकिन उन्हें टिकट न मिलने से नाराज़ पार्टी के पूर्व नेता महेश शर्मा कड़ी टक्कर दे सकते हैं.

महेश शर्मा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं.

मौसम

मौसम विभाग ने साफ़ मौसम की घोषणा की है हालांकि कहा गया है कि उत्तरकाशी के ऊपरी इलाक़ो में मामूली बर्फ़बारी या हल्की बारिश हो सकती है.

देहरादून में मौसम बिल्कुल साफ़ है और तेज़ धूप खिली है.

हालांकि समाचार एजेंसी पीटीआई ने राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी राधा रतुरी के हवाले से कहा है कि बुरे मौसम को लेकर आयोग ने पूरी तैयारी कर रखी थी और चुनाव कार्यकर्ताओं को बर्फ़ में इस्तेमाल किए जाने वाले जूतों, जैकेट के साथ-साथ स्लीपिंग बैग भी मुहैया करवाए गए थे.

किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सरसावा में भारतीय वायू सेना के एक हैलीकॉप्टर को भी तैयार रखा गया है.

राज्य के कुल 9, 744 मतदान केंद्रों में से 1,794 को संवेदनशील और 1,252 को अति संवेदनशील क़रार दिया गया है.

राज्य में मुख्य मुक़ाबला सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच है.

पंजाब

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Image caption चुनाव के लिए व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.

मोहाली के आसपास के इलाक़ो का दौरा कर रही बीबीसी संवाददाता वंदना का कहना है कि ज़िले के कुछ ग्रामीण इलाक़ो में तो मतदान का प्रतिशत पचास तक पहुंच गया है.

हालांकि उन्होंने साफ़ किया कि ये आधिकारिक संख्या नहीं है. लेकिन चुनाव कर्मचारी कह रहे हैं कि अब चुनाव में गति आ गई है.

वंदना का कहना था कि कुछ लोग वोटिंग लिस्ट मे नाम न होने और ग़लत कार्ड दिए जाने की शिकायतें कर रहे हैं.

मोहाली के पास स्थित लखनौर गांव में साठ लोगों के नाम ही वोटर लिस्ट से ग़ायब थे जिसके कारण लोगों में नाराज़गी थी.

पंजाब के कुल 1,078 उम्मीदवारों में 93 महिलाएं भी शामिल हैं.

राज्य के 1.78 करोड़ मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने 19,841 मतदान केंद्रों की व्यवस्था की है.

सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं और अर्धसैनिक बलों की 225 और दूसरे राज्यो से बुलाए गए पुलिस बल की 12 कंपनियों को तैनात किया गया है.

पांच राज्य

पांच राज्यों की विधासभा के लिए हो रहे चुनावों में मणिपुर में मतदान का काम 28 जनवरी यानी रविवार को ही संपन्न हो गया.

सोमवार को पंजाब और उत्तराखंड में मतदान की समाप्ति को बाद, उत्तर प्रदेश के चुनावों के लिए सात चरणों में मदतान का काम आट फ़रवरी से प्रारंभ होकर तीन मार्ट को ख़त्म होगा.

गोवा में भी तीन मार्च को ही मतदान है.

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