आंध्र के गृहसचिव गिरफ़्तार

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Image caption हैदराबाद में एक टाउनशिप के निर्माण में ये गड़बड़ियाँ हुई थीं

केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के गृहसचिव बीपी आचार्य को भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र के एक मामले में गिरफ़्तार किया है.

1983 बैच के आईएएस अधिकारी आचार्य पर आरोप है कि उन्होंने सरकार और एक निजी कंपनी की साझा परियोजना में गड़बड़ी की.

सीबीआई ने उन पर भूमि आवंटन और मकानों और अपार्टमेंट्स की बिक्री में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं.

सीबीआई की प्रवक्ता धारिणी मिश्रा ने दिल्ली में पत्रकारों को बताया, "सीबीआई ने आंध्र प्रदेश इंडस्ट्रियल इंफ़्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (एपीआईआईसी) के तत्कालीन वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर को गिरफ़्तार किया है. वे इस समय आंध्र प्रदेश के गृहसचिव हैं."

करोड़ों का नुक़सान

सीबीआई ने बीपी आचार्य को पूछताछ के लिए बुलाया था फिर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

उन्हें हैदराबाद में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया जहाँ उन्हें दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

सीबीआई का कहना है कि षडयंत्रपूर्वक निजी कंपनी के साथ चल रही परियोजना में एपीआईआईसी का हिस्सा घटा दिया गया जिससे सरकार को राजस्व में भारी नुक़सान हुआ.

राज्य के पूर्व टेक्सटाइल मंत्री पी शंकर राव ने ये मामला उठाया था और हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इसकी जाँच शुरु की थी.

कुल 258 एकड़ की इस परियोजना में दुबई की कंपनी एम्मार और एपीआईआईसी को मिलकर हैदराबाद में एक टाउनशिप बनाना था.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने सीबीआई के हवाले से कहा है कि दोनों के बीच जब सहमति पत्र तैयार हुआ था तो एपीआईआईसी की भागीदारी 49 प्रतिशत होनी थी लेकिन बाद में इसे घटाकर 26 प्रतिशत कर दिया गया था, जिससे करोड़ों रुपए के राजस्व का नुक़सान हुआ.

इसके अलावा भू आवंटन में हुई गड़बड़ियों से भी भारी नुक़सान हुआ.

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