‘राडिया टेप्स के साथ छेड़छाड़ हुई थी’

  • 31 जनवरी 2012
नीरा राडिया
Image caption 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में नीरा राडिया की भूमिका पर कई सवाल उठे थे

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया है कि मीडिया द्वारा जारी किए गए नीरा राडिया टेप्स के साथ छेड़छाड़ की गई थी और सरकार इन टेप्स के लीक होने की ज़िम्मेदार नहीं थी.

जस्टिस जी एस सिंघवी के एक बेंच को सौंपी गई एक गोपनीय रिपोर्ट में सरकार ने कहा कि नीरा राडिया की टेलिफ़ोन पर हुई बातचीत को कई टेलिकॉम सेवा कंपनियों ने रिकॉर्ड किया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इस गोपनीय रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि मीडिया ने नीरा राडिया की बातचीत के जो रिकॉर्ड जारी किए थे, उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि वास्तविक टेप्स और मीडिया द्वारा पेश की गई टेप्स के शुरुआती और आख़िरी छोर आपस में मेल नहीं खाते.

जस्टिस सिंघवी ने रिपोर्ट पढ़ते हुए कहा कि सरकार का कहना है कि जिन अधिकारियों ने इस मामले की जांच की, उन्हें ये नहीं मालूम कि इन टेप्स को किसने लीक किया.

उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि ये टेप्स किसी और ने जारी की हों.

मामला

कॉर्पोरेट दलाल नीरा राडिया की कंपनी टाटा समूह और मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के लिए जनसंपर्क का काम किया करती थी.

कुछ समय पहले नीरा राडिया की विभिन्न उद्योगपतियों, राजनीतिज्ञों, अधिकारियों और पत्रकारों से फ़ोन पर हुई बातचीत के ब्यौरे मीडिया में प्रकाशित हुए थे.

इस बातचीत के बाद से ही 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में नीरा राडिया की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे.

इन टेप्स में देश के बड़े उद्योगपति रतन टाटा से फ़ोन पर की गई बातचीत भी शामिल है.

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