शराब का दरिया.....

शराब
Image caption बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें चुनाव प्रचार के दौरान ज़ब्त की गई थी

क़रीब सात लाख शराब की बोतलें, हज़ारों लीटर अवैध देसी शराब और नोटों की खेंप. पंजाब में चुनाव के बाद ये सब पंजाब प्रशासन के हवाले है.

दरअसल पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान बड़ी संख्या में शराब की बोतलें ज़ब्त की गईं.

चुनावों और प्रचार के दौरान कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए चुनाव आयोग ने जी-तोड़ कोशिश की और इसके लिए लोग उसकी काफ़ी सराहना भी कर रहे हैं.

लेकिन चुनाव आयोग की कड़ाई अब अधिकारियों के लिए मुसीबत भी बन गई है. अवैध शराब को तो नष्ट किया जा रहा है, लेकिन बाक़ी बोतलों को ठिकाने लगाना अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है और बोतलें रखने की भी जगह नहीं मिल रही है.

चुनाव के बाद अब गले की सर्जरी

पंजाब विधानसभा चुनावों में जिन नामों की सबसे ज़्यादा चर्चा रही, उनमें एक नाम मनप्रीत बादल का था.

उनकी पार्टी पीपीपी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, ये तो मार्च में ही पता चलेगा लेकिन मनप्रीत बादल के नेता के तौर पर उभरने से पंजाब की राजनीति में हलचल ज़रूर पैदा की.

Image caption मनप्रीत बादल गले की सर्जरी के लिए दिल्ली आ रहे हैं

दस महीने पुरानी अपनी पार्टी के लिए मनप्रीत बादल ने जमकर चुनाव प्रचार किया. वे अपनी पार्टी की दमदार आवाज़ बनकर उभरे लेकिन इसका उनकी अपनी आवाज़ पर बुरा असर पड़ा.

उनके वोकल कॉर्ड में सिस्ट है और डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी की सलाह दी थी. चुनावी रैलियों और भाषणों में भी इन्हें बोलने में काफ़ी तकलीफ़ हो रही थी.

कई बार वे रैलियों में अपने समर्थकों से नारे कम लगाने को कहते, ताकि उन्हें ज़ोर से न बोलना पड़े.

लेकिन चुनावों के बीच उन्होंने सर्जरी कराने से मना कर दिया था. अब जबकि मतदान हो चुका है, मनप्रीत दिल्ली आकर सर्जरी करवा रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई है कि हफ़्ते भर में वे ठीक हो जाएँगे.

राज्य के कई अन्य नेता भी अपनी थकान मिटाने में लगे हैं और ख़ासकर गले की देखभाल में. कोई भाप देकर तो कोई मिस्री-इलाइची से.

ईवीएम मशीनों पर कड़ा पहरा

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Image caption ईवीएम की कड़ी निगरानी की जा रही है

विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद उम्मीदवारों की किस्मत मशीनों में क़ैद है.

लेकिन नतीजे आने में एक महीने से भी ज़्यादा का वक़्त है.

ज़ाहिर है ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सुरक्षा काफ़ी अहम है.

पंजाब में इन ईवीएम मशीनों को विभिन्न इमारतों के स्ट्रॉंग रूम में रखा गया है जहाँ तीन परतों वाली सुरक्षा प्रणाली लगाई गई है जिसमें पंजाब पुलिस और अर्धसैनिक बल ज़िम्मा संभाल रहे हैं.

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