पुणे में सेना और पुलिस में ठनी

  • 1 फरवरी 2012
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Image caption सेना ने कहा है कि घटना की जाँच की जा रही है और दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी

पुणे में भारतीय सेना और पुलिस के बीच एक ट्रैफ़िक मामले को लेकर छिड़े विवाद का मामला गर्माता जा रहा है.

पुणे पुलिस ने सेना के कई जवानों के विरूद्ध शिकायत दर्ज़ की है जिसमें उनपर कथित रूप से पुलिस कॉन्स्टेबलों को पीटने का आरोप लगाया गया है.

कहा गया है कि ये घटना तब हुई जब ट्रैफ़िक पुलिसकर्मी ने नो-एंट्री इलाक़े में सेना के दो अधिकारियों की वाहन को रोकने का प्रयास किया.

वहीं सेना कह रही है कि पुलिसकर्मी ने उनके एक अधिकारी पर हाथ उठाया.

उसने कहा है कि संबद्ध अफ़सरों को बैरकों में ही रहने का निर्देश दिया गया है.

सेना ने कहा है कि ये अफ़सर हैं सेना इंजीनियरिंग कॉलेज के कैप्टन वी अद्वैत और लेफ़्टिनेंट ए बी पंडित.

सेना ने एक बयान में कहा है,"कॉलेज ऑफ़ मिलिट्री इंजीनियरिंग ने एक कर्नल के नेतृत्व में जाँच अदालत नियुक्त कर दी है. जाँच के उपरांत उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी."

घटना

मंगलवार को हुई इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए सेना ने कहा है कि अधिकारी एक मोटरसाइकिल पर थे और उन्होंने एक ऐसे पुल को पार किया जिसपर दोपहिया वाहनों के जाने की मनाही थी.

एक महिला पुलिसकर्मी ने उनको रोककर उन्हें जुर्माना भरने के लिए कहा.

सेना के अनुसार तब एक पुरूष पुलिसकर्मी ने कैप्टन अद्वैत को गालियाँ देनी शुरू कर दीं और उससे ये कहते हाथापाई करने लगा कि एक बार सेना के इलाक़े में बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल चलाने के कारण उसकी पिटाई थी, इसलिए वो भी ऐसा ही करेगा.

पुलिस ने सैन्यकर्मियों के पुल पार करने की बात की पुष्टि की है.

मगर शहर के एक पुलिस उपाधीक्षक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि सेना के अफ़सरों ने पुलिसकर्मियों को गालियाँ दी थीं.

पुलिस के अनुसार इसके बाद सैन्यकर्मी अपने कई दोस्तों को लेकर पुलिसकर्मियों को पीटने वापस लौटे.

सेना के दक्षिणी कमान ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा है कि अनुशासन तोड़ने की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लिप्त लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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