धीमी शुरुआत के बाद तेज़ मतदान

  • 8 फरवरी 2012
Image caption बाद में मतदान में तेज़ी आई

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान जारी है. चुनाव आयोग के मुताबिक़ चार बजे तक 51 प्रतिशत मतदान हुआ है.

राज्य में कई जगहों पर बीती रात हल्की से तेज़ बारिश हुई है. बीबीसी संवाददाता मुकेश शर्मा के मुताबिक़ बारिश के कारण सुबह मतदान धीमा रहा.

बहराइच में मतदान के लिए निकले राहुल शुक्ला और कृष्ण मिश्रा ने बीबीसी को बताया, ''सुबह पानी बरस रहा था इसलिए लोग घरों से बाहर नहीं निकले. लेकिन बाद में मतदान तेज़ हो गया. हमारे मोहल्ले के लोग तो अभी निकले हैं.''

उनसे जब पूछा गया कि मतदान के प्रति क्या लोगों में इस बार ज़्यादा जागरूकता है, उन्होंने कहा, ''लोग पहले से ज़्यादा जागरूक तो हुए हैं लेकिन मुख्य मुद्दा इस बार भी जाति ही है, सबसे ज़्यादा जातिवाद यहीं होता है, विकास कोई मुद्दा नहीं है.''

पहली बार मतदान कर रही रूचि ने बीबीसी को बताया, ''हमें वोट डालने से ज़्यादा मतलब नहीं है. सोच यही थी हमारे लिए कोई क्या करेगा. विकलांगों के लिए कोई कुछ नहीं करता. इस बार मेरे भाई ने मुझसे कहा कि एक वोट भी बड़ा महत्व रखता है तो मैं वोट डालने चली आई.''

बारिश ने डाला ख़लल

Image caption उत्तरप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा का कहना है कि बारिश की वजह से मतदान की शुरूआत धीमी रही

इस चरण में 10 ज़िलों की 55 सीटों पर मतदान हो रहा है जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं.

पहले चरण के चुनाव में दो मंत्रियों, 31 विधायकों और 15 पूर्व मंत्रियों के राजनीतिक भाग्य का फ़ैसला होगा.

इस दौर में ख़ास तौर पर राज्य में सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी और केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस की प्रतिष्ठा दाँव पर लगी है.

पहले चरण में जिन ज़िलों में मत डाले जा रहे हैं वे हैं - सीतापुर, बाराबंकी, फ़ैज़ाबाद, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बस्ती और सिद्धार्थनगर.

जिन कुल 55 सीटों पर मतदान हो रहा है उनमें से 11 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं. कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने जमकर इस क्षेत्र में प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार किया है और उनके साथ ही उनके सांसदों की प्रतिष्ठा भी दाँव पर लगी है.

प्रतिष्ठा दाँव पर होने की एक और बड़ी वजह ये भी है कि कई सांसदों के रिश्तेदार ख़ुद मैदान में हैं.

प्रतिष्ठा दांव पर

कांग्रेस में पिछड़े वर्ग का चेहरा बनकर उभर रहे बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को कांग्रेस ने बाराबंकी की दरियाबाद सीट से टिकट दिया है. उधर डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल के बेटे अभिषेक पाल को बस्ती सदर से उम्मीदवार बनाया गया है.

बहराइच के सांसद कमल किशोर कमांडो की पत्नी पूनम किशोर बलहा (सुरक्षित) सीट से प्रत्याशी हैं. ये सीट परिसीमन में नई बनी है जबकि इससे पहले की सीट चर्दा अब ख़त्म हो गई है.

इधर मायावती सरकार के तीन मंत्रियों लालजी वर्मा, रामहेत भारती और संग्राम सिंह वर्मा की क़िस्मत का फ़ैसला भी इसी दौर में हो जाएगा. वर्मा अंबेडकरनगर की कटेहरी सीट से प्रत्याशी हैं तो वहीं के अकबरपुर से एक अन्य मंत्री राम अचल राजभर के बेटे संजय राजभर बसपा प्रत्याशई हैं. विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी नेता माता प्रसाद पांडे सिद्धार्थनगर सीट से मैदान में हैं तो लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष अरविंद सिंह गोप बाराबंकी में रामनगर से. फ़ैज़ाबाद की अयोध्या सीट से भारतीय जनता पार्टी के लल्लू सिंह मैदान में हैं जबकि भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष हरीश द्विवेदी बस्ती सदर से. सीतापुर में नौ, बाराबंकी में सात, फ़ैज़ाबाद में चार, अंबेडकरनगर में पाँच, बहराइच में सात, श्रावस्ती में दो, बलरामपुर में चार, गोंडा में सात और सिद्धार्थनगर और बस्ती में पाँच-पाँच सीटों पर मतदान है.

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