चूहों पर गरमाई झारखंड में राजनीति

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Image caption गवर्नर रिज़वी को पिछले दिनों चूहे ने झारखंड भवन में काट लिया था.

नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन में चूहों के उत्पात को लेकर सूबे में राजनीति गरमा गई है. छह फरवरी को दिल्ली के वसंत विहार स्थित झारखंड भवन में चूहों ने राज्यपाल सैय्यद अहमद की ऊँगली काट ली थी.

अब विपक्ष ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. विपक्षी दलों का कहना है कि इस तरह की घटना को माफ़ नहीं किया जा सकता है क्योंकि राज्यपाल प्रदेश के प्रथम नागरिक हैं.

चूहे द्वारा काटे जाने के मुद्दे को लेकर जहाँ कांग्रेस नें तल्ख़ तेवर अपनाने शुरू कर दिए हैं वहीं झारखंड विकास मोर्चा के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इसको लेकर सरकार की निंदा की है.

बीबीसी से बात करते हुए मरांडी ने कहा, "वैसे तो झारखंड राज्य को बड़े बड़े चूहे कई सालों से खा रहे हैं. अब झारखंड भवन में राज्यपाल की ऊँगली भी चूहों ने कतर दी है. इससे ज्यादा गंभीर मामला और क्या हो सकता है."

दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस मामले को झारखंड विधान सभा के आगामी बजट सत्र में उठाने का फैसला किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता राधा कृष्ण किशोर का कहना है कि झारखंड भवन की देख भाल में राज्य सरकार हर साल एक बड़ी रक़म खर्च करती है.

उनका कहना है कि स्थानीय आयुक्त के साथ साथ झारखंड भवन में वरिष्ठ प्रशानिक और पुलिस के अधिकारी तैनात किए गए हैं. मगर किसी भी अधिकारी ने अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वाह नहीं किया है.

वो कहते हैं, ‘‘इस मामले को लेकर हम काफी गंभीर हैं और यह माला बजट सत्र के दौरान विधान सभा में उठाया जाएगा."

कुछ अन्य विधायकों का कहना था कि चूहों की समस्या को लेकर उन्होंने कई बार झारखंड भवन के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है. मगर उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी मामले की अनदेखी करते रहे.

मरांडी कहते हैं कि झारखंड भवन को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य में क्या हो रहा है.

वो कहते हैं, ‘‘इसी से पता चलता है कि राज्य में कितना अराजक माहौल है. भ्रष्टाचार रुपी चूहा तो झारखंड राज्य को पहले ही खोखला कर चुका है. अब झारखंड भवन की बारी है."

सिर्फ झारखंड के राज्यपाल का मामला अकेला नहीं है. कांग्रेस के नेता सुखदेव भगत का आरोप है कि झारखंड भवन में जाकर ठहरने वाले कई लोगों नें चूहों के आतंक की शिकायत की है.

राज्यपाल की ऊँगली कुतरने के अगले ही दिन चूहों ने झारखंड भवन के बावर्ची को भी अपना निशाना बनाया.

राज्यपाल सैय्यद अहमद का उपचार वसंत विहार स्थित होली एंजेल्स अस्पताल के डाक्टर राजेंद्र ने किया. उनका कहना था कि घाव से स्पष्ट हो रहा था कि 'महामहिम' की ऊँगली चूहे ने ही कतरी है. उनका कहना था कि उन्होंने राज्यपाल का प्राथमिक उपचार किया था.

हालांकि इस मामले को लेकर ना तो राजभवन और ना ही राज्य सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है, मगर सरकार के सूत्र बताते हैं कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. ऐसे भी संकेत मिल रहे हैं कि सरकार ने झारखंड भवन को चूहों से मुक्त करने के लिए किसी पेस्ट कंट्रोल एजेंसी की मदद भी ली है.

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