बेनेगल की 'हीरोइन' का दुर्घटनाग्रस्त विमान

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Image caption हनवंत सिंह ने आखिरी दिन अपनी प्रेमिका जुबैदा के साथ बिताए थे

राजस्थान के एक संग्रहालय ने जोधपुर सेंट्रल जेल से लगभग साठ साल पहले, वर्ष 1952 में, दुर्घटनाग्रस्त हुए उस विमान के अवशेष मांगे हैं जिसमें महाराजा हनवंत सिंह और उनकी प्रेमिका जुबैदा मारी गई थीं.

हनवंत सिहं की प्रेमिका ज़ुबैदा पर जानेमाने फिल्मकार श्याम बेनेगल ने इसी नाम से एक फ़िल्म 'जुबैदा' बनाई थी.

महाराजा का दुर्घटनाग्रस्त जहाज़ एक हल्का विमान था जिसके अवशेष बीते साल जोधपुर सेंट्रल जेल के तहखाने में पाए गए थे.

अधिकारियों का मानना है कि इन अवशेषों को जेल में इसलिए रखा गया था क्योंकि ये बुरी किस्मत थी.

म्यूजियम ने अभी ये तय नहीं किया है कि इस विमान के अवशेष उन्हें मिलने पर वे इसका क्या करेंगे.

कांग्रेस-विरोधी

जोधपुर के महाराज हनवंत सिंह अपनी पत्नी जुबैदा के साथ विमान हादसे में वर्ष 1952 में तब मारे गए थे जब वे भारत के पहले आम चुनावों में प्रचार कर रहे थे.

हनवंत सिंह ने पहले आम चुनावों में कांग्रेस पार्टी को कड़ी चुनौती देते हुए अपने उम्मीदवार भी उतारे थे.

उन्होंने खुद भी विधानसभा और लोकसभा के लिए एक सीट जीती थी.

लेकिन चुनाव के नतीजे घोषित होने से पहले ही विमान दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी.

हनवंत सिंह को बीचक्रॉफ्ट बोनांजा विमान में उड़ना बहुत पसंद था. उनका विवाह शाही राजकुमारी कृष्णा कुमारी से हुई थी. लेकिन उन्होंने अपने आखिरी दिन जुबैदा के साथ बिताए.

किसी ने नहीं ली सुध

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Image caption दुर्घटनाग्रस्त विमान के अवशेष जोधपुर की सेट्रल जेल में दशकों तक यूं ही पड़े रहे.

जेल अधिकारियों के मुताबिक, जब कर्मचारियों ने मलबे को खंगाला, तब उन्हें ये अवशेष मिले.

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया, ''पहले हमे लगा कि ये भारत-पाक युद्ध के अवशेष हो सकते हैं क्योंकि पाकिस्तान के बम इस शहर पर भी गिरे थे और कुछ कैदी भी मारे गए थे.''

उन्होंने कहा, ''लेकिन बाद में हमें पता चला कि ये दिवंगत महाराजा हनवंत सिंह के विमान के अवशेष हैं.''

मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 1972 में महाराजा गज सिंह ने की थी. संग्रहालय ने जेल अधिकारियों को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस विमान के अवशेष उन्हें सौंपने का अनुरोध किया है.

जोधपुर जेल के अधीक्षक ए आर नियाज़ी ने बीबीसी को बताया कि अंतिम फैसले के लिए इस मामले को सरकार के पास भेजा जाएगा.

संग्रहालय के निदेशक महेंद्र सिंह नागर के मुताबिक, ''अभी ये तय नहीं है कि इन अवशेषों का क्या किया जाएगा, लेकिन ये अवशेष म्यूजियम ट्रस्ट का हिस्सा होंगे.''

हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक मेहरानगढ़ म्यूजियम देखने आते हैं.

जानेमाने फिल्मकार श्याम बेनेगल की फिल्म जुबैदा में हनवंत सिंह की प्रेमिका की कहानी बयां की गई थी.

फिल्म की पटकथा जुबैदा के बेटे खालिद मोहम्मद ने लिखी थी.

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