दूतावासों पर धमाके इसराइल ने कराए: ईरान

  • 14 फरवरी 2012
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भारत और जॉर्जिया में इसराइली दूतावास के बाहर हुए धमाकों के लिए इसराइल की ओर से ईरान को दोषी ठहराए जाने को ग़लत क़रार देते हुए ईरान ने कहा है कि इसराइल ने खुद अपने दूतावासों पर बम धमाके कराए ताकि इन देशों के साथ ईरान के दोस्ताना संबंध खराब हों.

दिल्ली में सोमवार की दोपहर इसराइली दूतावास के बाहर कूटनयिक की कार में धमाका हुआ जिसमें दो लोग घायल हुए हैं. दिल्ली और जॉर्जिया के तिब्लिसी शहर में धमाके लगभग एक ही समय पर हुए.

इन धमाकों के लिए इसराइल ने ईरान को दोषी ठहराया है. इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रमीन मेहमनपरस्त ने एक बयान जारी कर कहा है कि इसराइल ने ईरान के खिलाफ़ युद्ध का माहौल बनाने के लिए इन घटनाओं का अंजाम दिया है.

उन्होंने कहा, 'ईरान आतंकवाद का पुरज़ोर विरोध करता है और खुद इसका शिकार रहा है.'

'यंत्र के ज़रिए कार को निशाना बनाया'

इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि निश्चित रूप से किसी न किसी यंत्र के ज़रिए कार को निशाना बनाया गया है.

पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने कहा, "कार को निशाना बनाया गया जिसके बाद इसमें धमाका हुआ और आग लग गई. ज़्यादातर नुकसान आग लगने से हुआ है. ऐसा लगता है कि गाड़ी में जो कुछ भी लगाया गया या चिपकाया गया वो पीछे की तरफ़ लगाया गया है."

वहीं भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा है, "भारत इसकी निंदा करता है. घटना की जाँच शुरू हो गई है और क़ानून अपना काम करेगा. दोषियों को पकड़ा जाएगा."

घटनास्थल पर मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबकि इस तरह की अपुष्ट ख़बरें मिल रही हैं कि मोटर साइकिल पर सवार लोगों ने धमाके किए.

बीके गुप्ता ने बताया, "चार लोग घायल हुए हैं जिसमें एक इसराइली दूतावास का ड्राइवर मनोज शर्मा भी है. उसे मामूली चोटें आई हैं और इसराइली दूतावास में काम करने वाली 40 वर्षीया महिला ताल येशोवा को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है जहाँ उनका इलाज जारी है. वह होश में हैं और स्थिर है."

दिल्ली में इसराइली दूतावास के बाहर कड़ी सुरक्षा रहती है और इस घटना के बाद चीनी और अमरीकी दूतावास के पास सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है.

आरोप-प्रत्यारोप

इसराइली अधिकारियों ने बताया है कि जॉर्जिया में भी एक कूटनयिक पर हमला करने की कोशिश की गई लेकिन धमाका नहीं हुआ.

दिल्ली में दूतावास के प्रवक्ता डेविड गोल्डफ़ार्ब ने कहा है कि जब धमाका हुआ तब कूटनयिक की कार ऑरंगज़ेब रोड पर खड़ी थी. किसी गुट ने धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

इन हमलों की ख़बर मिलने के बाद इसराइली प्रधानमंत्री बेन्जमिन नेतन्याहू ने दक्षिणपंथी लिकुद पार्टी के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, "इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ है. दुनिया में वही आतंक का सबसे बड़ा निर्यातक है."

नेतन्याहू का कहना था कि हाल के महीनों में इसराइलियों और यहूदियों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है और उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें ईरान और लेबनान के गुट हिज़बुल्ला का हाथ है.

भारत में ईरान के राजदूत सैयद मेहदी नबीज़ादेह पहले ही इन हमलों में शामिल होने के इसराइली आरोप को 'पूरी तरह झूठा' क़रार दे चुके हैं.

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी इरना ने नबीज़ादेह के हवाले से कहा, "ईरान किसी भी तरह के आतंकवादी हमले की निंदा करता है और इसराइली अधिकारियों की झूठी टिप्पणियों को हम पूरी तरह ख़ारिज करते हैं."

उधर अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इन हमलों की आलोचना की है.

उन्होंने कहा, "अमरीका दुनिया भर में राजनयिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देदा है. हम इस कायरतापूर्ण कृत्य की तहकीकात में किसी भी प्रकार की सहायता करने के लिए तैयार हैं."

व्हाइट हाउस प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा है कि अमरीका इसराइली हितों पर ताजा़ हमलों से चिंतित है. उन्होंने ने भी दोहराया कि अमरीका जांच में सहयोग के लिए तैयार है.

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