बांग्लादेशी हैकरों के निशाने पर भारतीय वेबसाइट

  • 14 फरवरी 2012
तृणमूल कांग्रेस की हैक हुई वेबसाइट
Image caption तृणमूल कांग्रेस की हैक हुई वेबसाइट देर शाम तक भी मूल रूप में उपलब्ध नहीं थी

भारत और बांग्लादेश के हैकरों के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी एक तरह के मुक़ाबले में मंगलवार को कई भारतीय वेबसाइट्स निशाना बनीं.

बांग्लादेश साइबर आर्मी और बांग्लादेश ब्लैक हैट ने तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट के अलावा कुछ सरकारी वेबसाइटों को हैक कर लिया.

वेबसाइट हैक करने के बाद वहाँ हैकरों ने अपने संदेश लगा दिए. पिछले दो दिनों से भारतीय वेबसाइट इस तरह के हमलों का निशाना बन रही हैं.

इसके बाद इन संगठनों ने यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड किया और धमकी दी कि आने वाले दिनों में वे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज सहित कई अन्य सरकारी वेबसाइट भी हैक कर लेंगे.

इस संदेश में रोबोट वाली आवाज़ में कहा गया है कि 'ये सिर्फ़ कोरी धमकी नहीं है.'

संदेश में भारत के सामने माँग रखी गई है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ़ को गोलीबारी बंद कर देनी चाहिए, पश्चिम बंगाल की तीस्ता नदी के जल बँटवारे पर जल्द से जल्द समझौता होना चाहिए और मणिपुर में प्रस्तावित टिपाइमुख बाँध का काम रुके.

इस गुट ने शाम को तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट हैक की और वहाँ ममता बनर्जी के नाम से अपनी माँगें लिख दीं.

उसमें ममता को कहते हुए दिखाया गया कि तीस्ता नदी का 50 प्रतिशत जल बांग्लादेश को दिया जाएगा, टिपाइमुख बाँध नहीं बनेगा और भारत-बांग्लादेश सीमा पर हत्याएँ बंद होंगी.

आधिकारिक बयान नहीं

इस पर भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं आया है मगर देश के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इस पर नज़रें रखे हैं.

विशेषज्ञ आरिफ़ अहमद कहते हैं, "कई भारतीय हैकरों ने भी पिछले दिनों बांग्लादेश की वेबसाइट हैक की हैं और वे उसका बदला ले रहे हैं."

उनके अनुसार, "दोनों एक-दूसरे पर पहले ये शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं और किसका दावा सही है ये कहना मुश्किल है."

वैसे जिस तरह की वेबसाइट अभी तक निशाने पर रखी गई हैं उससे ये लगता है कि ये गुट ऐसा सिर्फ़ प्रसिद्धि पाने के लिए कर रहे हैं.

उधर बांग्लादेश साइबर आर्मी के फ़ेसबुक के पेज पर दिन भर ये संदेश आता रहा कि वह वेबसाइट हैक कर रहे हैं और उन्होंने जिन वेबसाइट को हैक किया उसकी सूची दिन भर लंबी होती रही.

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