भाजपा पढ़ाएगी विधायकों को नैतिकता का पाठ

  • 15 फरवरी 2012
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Image caption अश्लील वीडियो मामले में कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए हैं.

कर्नाटक में सत्तारुढ़ दल भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार के बाद अब अश्लीलता के मुद्दे पर हुई किरकिरी से परेशान है. ऐसे में पार्टी अपने बचाव के लिए ‘नैतिक शिक्षा’ का सहारा लेगी.

पिछले हफ़्ते भाजपा सरकार के सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सवादी और महिला एवं बाल विकास मंत्री सीसी पाटिल को कर्नाटक विधान सभा की कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर एक पॉर्न वीडियो देखते हुए क़ैमरे में कैद किया गया था. जिस फ़ोन पर अश्लील सामग्री देखी जा रही थी वो फ़ोन खेल, विज्ञान और तकनीक मंत्री कृष्णा पालेमर का था. अब कोर्ट ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.

ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के राज्य प्रबंधक केएस ईश्वरप्पा ने 24 और 25 फ़रवरी को राजधानी बंगलौर में विधायकों और सांसदों के साथ नैतिकता पर गोष्ठियां और विचार सभा करने की घोषणा की है.

ईश्वरप्पा कहते हैं, ''हमने फैसला किया है कि हम महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एक चिंतन-मनन बैठक करेंगे.''

'मनोबल कमज़ोर है'

ईश्वरप्पा ने बताया कि इस बैठक में नैतिकता और अनुशासन पर भी बातचीत होगी.

राज्य के मुख्यमंत्री ने खुद ये माना है कि भ्रष्टाचार मामले में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफ़े से लेकर खनन माफिया और कर्नाटक विधानसभा के अश्लील वीडियो कांड ने उन्हें बेहद दुख पहुंचाया है और वो विधायकों के छवि सुधार और व्यक्तित्व निर्माण पर काम करना चाहते हैं.

एक अन्य मंत्री ने इस मौके पर कहा कि पार्टी के सदस्यों का मनोबल कमज़ोर है और इस घटना ने पार्टी के लिए शर्मनाक स्थितियां पैदा कर दी हैं.

भाजपा भले ही अपने विधायकों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने में देरी नहीं करना चाहती लेकिन इस सब के बीच पार्टी ने आधिकारिक रुप से इस मामले में फंसे तीनों मंत्रियों को समर्थन और सहयोग देने का फैसला किया है.

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